मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भारी बारिश को लेकर उपायुक्तों को दिए अलर्ट मोड में रहने के निर्देश
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में हो रही भारी बारिश और अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए अधिकारियों को पूर्ण रूप से अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल जमाव की समस्या से आम जनता को राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर जल जमाव की स्थिति को शीघ्र समाप्त करने, बुनियादी ढांचे जैसे सड़क, पुल-पुलिया, घर, और फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर तत्काल रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजने का आदेश दिया, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर राहत और मुआवजा प्रदान किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में स्थापित कंट्रोल रूम को पूरी तरह सक्रिय रखने और पर्यटन स्थलों जैसे वॉटरफॉल, बराज आदि में अनहोनी से बचने के लिए NDRF की टीमों के साथ-साथ स्थानीय लोगों का सहयोग लेने का निर्देश दिया। उन्होंने वॉटरफॉल में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने जल जमाव वाले क्षेत्रों में छिड़काव कार्य करने के निर्देश दिए ताकि इससे होने वाली बीमारियों को नियंत्रित किया जा सके। साथ ही, बरसात के मौसम में सर्प दंश (स्नेक बाइट) के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सड़कों, पुलों और पुलियाओं को हुए नुकसान की शीघ्र मरम्मत करने और अवैध बालू निकासी पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश भी दिए, क्योंकि यह पुलों और ब्रिजों के धंसने का एक प्रमुख कारण हो सकता है।
बैठक में मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार और सभी जिलों के उपायुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि मॉनसून की शुरुआत में ही भारी बारिश को देखते हुए सभी समस्याओं से निपटने की पहले से पूरी तैयारी रखी जाए, ताकि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

















