चाइल्डलाइन और पत्रकारों के बीच समन्वय बैठक किया गया.
रामगढ़ : जिले में सृजन फाउंडेशन द्वारा संचालित चाइल्डलाइन टीम के द्वारा बाल संरक्षण मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा तथा त्वरित कार्यवाही और बाल अधिकारों की सुरक्षा को निर्धारित करने के लिए तथा चाइल्डलाइन कार्यक्रम की जानकारी को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से रामगढ़ सदर प्रखंड के कोठार स्थित चाईल्डलाइन कार्यालय में जिले के पत्रकारों के साथ एक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में संस्था सृजन फाउंडेशन के सचिव सह चाइल्डलाइन निदेशक स्वपन मन्ना ने सबसे पहले मीडिया से आए हुए सभी बंधुओं का अभिवादन किया। उन्होंने बताया कि मूल रूप से सृजन फाऊंडेशन झारखंड में 9 जिलों में महिला एवं बाल अधिकारों के संरक्षण पर कार्य कर रही है साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा चाइल्डलाइन सेवा (1098) अगस्त 2020 से रामगढ़ जिले में संचालित की गई है। इसका मूल उद्देश्य है कि जरूरतमंद बच्चे या जिन बच्चों को संरक्षण की आवश्यकता है जैसे कि गुमशुदा बच्चे बीमार बच्चे , शोषित बच्चे पीड़ित बच्चे , बाल विवाह के शिकार बच्चे, बाल मजदूरी कर रहे बच्चे परित्यक्त बच्चे इत्यादि उन बच्चों को संरक्षण वाले स्थिति में ले जाने की प्रक्रिया को चाइल्डलाइन के माध्यम से किया जाता है।
चाइल्डलाइन एक आपातकालीन सेवा है जो 24 घंटे सातों दिन काम करती है इसका टोल फ्री नंबर 1098 है। और कोई भी व्यक्ति या बच्चा अपनी पहचान को गोपनीय रख कर इसमें सूचना दे सकता है ताकि जल्द से जल्द उस बच्चे तक जिसको आपके सहयोग की आवश्यकता है उन तक पहुंच सके और बाल कल्याण समिति के माध्यम से बच्चे को संरक्षण वाली जगह में पहुंचाया जा सके। इस प्रयास में चाईल्डलाइन पिछले अगस्त महीना से काम कर रही हैं। मुख्यतः चाइल्डलाइन 1098 एक ऐसी सेवा है जो कि बच्चों को उनके कठिन परिस्थिति से निकाल कर उनको अनुकूल माहौल और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद करती है। तथा संबंधित विभाग के मदद से परिवार में बहाल करने के लिए बच्चों को जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के माध्यम से उनके परिवार में बहाल करने में का कार्य करती।
उन्होंने मीडिया उपस्थित बंधुओं से निवेदन किया कि तथा इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि मीडिया एक बहुत सशक्त माध्यम है जिसके माध्यम से हम केवल एक-दो जगह नहीं बल्कि पूरे समाज के बीच में संदेश को पहुंचा सकते हैं। बच्चों से जुड़े मामलों को को ज्यादा से ज्यादा और बेहतर ढंग से सभी तक सूचनाए पहुंचा सकते हैं। मीडिया एक सशक्त कड़ी है जहां से इस तरह से बच्चों से संबंधित समस्याएं को जो बच्चे को फेस कर रहे हैं ऐसे बच्चों की सूचना सरकार तक पहुचाय जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि चाइल्डलाइन की मुख्य भूमिका है किबाल संरक्षण से जुड़े मामलों बच्चों को सरकार की नजरमे लाना एवं बच्चों के लिए सुरक्षित माहोल का निर्माण करना। वर्तमान में भीख मांग रहे बच्चों की तादाद जो रामगढ़ जिले में बढ़ती जा रही है वह एक चिंता का विषय है जिस पर चर्चाएं हो रही है और इस सिंडिकेट को तोड़ना बहुत जरूरी है। और इस प्रकार कि सूचनाओं को सरकार तक पहुंचाया जाए और उन बच्चों के अनुकूल परिस्थिति को किस तरह से लाया जाए इसके लिए उनके अभिभावकों को जो आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हैं उनको सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से जोड़ना और उस परिवार को काउन्सेलिंग करने की जरूरत है
उन्होंने कहा साथ साथ जागरूकता फैलाने की जरूरत है। ताकि वह अपने स्वयं के आर्थिक विकास को बढ़ा सके और सरकार की योजनाओं से जुड़कर अपने दिनचर्या को बेहतर बना सके तथा बच्चों को परिवार आधारित देखभाल को बेहतर करने की जरूरत है। सरकार के पास बहुत सारे स्क्रीम है जिनका लाभ लेकर वो अपनी दिनचर्या को सुधार सकते है और आत्मनिर्भर बन सकते है। बैठक को सफल बनाने मे सृजन फाउंडेशन सचिव स्वपन मन्ना, बाल संरक्षण पदाधिकारी संजय कुमार , चाइल्ड लाइन समन्वयक पुजा मिश्रा एवं काउंसेलर सीमा साहू, टीम मेम्बर प्रकाश महतो, अभिषेक कुमार, सुमंती कुमारी, ममता देवी, बेबी देवी, और धीरज कुमार का योगदान रहा।
रामगढ़, आकाश शर्मा

















