CM हेमंत सोरेन ने 168 डॉक्टरों को सौंपे नियुक्ति पत्र, कहा भगवान को नियुक्ति हो रही है।

CM हेमंत सोरेन ने 168 डॉक्टरों को सौंपे नियुक्ति पत्र, कहा भगवान को नियुक्ति हो रही है।
रांची, 25 सितंबर : झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को राजधानी रांची के झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) में 168 डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित समारोह में 70 डॉक्टरों को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के माध्यम से स्थायी नियुक्ति दी गई, जबकि 98 डॉक्टरों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा की धरती पर लोग डॉक्टर को भगवान मानते हैं और आज भगवान की नियुक्ति हो रही है।

धरती पर डॉक्टर भगवान का स्वरूप और आज भगवान की नियुक्ति पत्र दे रहा हूं हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर कहा, “हमारा लक्ष्य है कि झारखंड के हर कोने में, विशेष रूप से ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में, लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। स्वास्थ्य सुविधाएं केवल शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिएं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिएं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार एक मजबूत और सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रणाली विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सोरेन ने नव-नियुक्त डॉक्टरों से अपील की कि वे पूरे समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं और समाज के कमजोर वर्गों के लिए विशेष ध्यान दें। उन्होंने खास तौर पर कहा की विश्व में डॉक्टरों को धरती पर भगवान के बाद भगवान का स्वरूप माना गया है और आज हम भगवान को नियुक्ति पत्र दे रहे हैं

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार कई अन्य पहल कर रही है, जिसमें नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और मौजूदा अस्पतालों का आधुनिकीकरण शामिल है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का विजन है कि झारखंड में कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे।” मुख्यमंत्री ने खास तौर पर डॉक्टर को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल देखा जाता है की शहरों में ज्यादातर सिजेरियन तरीके से डिलीवरी होती है जबकि गांव में नॉर्मल डिलीवरी होती है नॉर्मल डिलीवरी यानी प्राकृतिक तौर पर बच्चों का जन्म लेना अक्सर देखा जाता है कि नॉर्मल डिलीवरी के बाद गांव की महिलाएं स्वस्थ रहती हैं जबकि शहर की महिलाओं को सिजेरियन डिलीवरी के बाद कुछ ना कुछ कॉम्प्लिकेशन आते हैं और वह हमेशा और हमेशा जीवन भर आते रहते हैं इसलिए इस और भी डॉक्टर को ध्यान देना चाहिए

स्वास्थ्य मंत्री का बयान: “यह झारखंड के लिए सबसे बड़ा दिन”
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस अवसर को झारखंड के स्वास्थ्य इतिहास में “सबसे बड़ा दिन” करार दिया। उन्होंने कहा, “राज्य गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों की नियुक्ति एक साथ हुई है। यह न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा, बल्कि डॉक्टरों का मनोबल भी बढ़ाएगा।” डॉ. अंसारी ने पिछले सात महीनों में स्वास्थ्य विभाग में किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए कहा, “हमने एक लंबी लकीर खींची है। हमारा उद्देश्य डॉक्टरों को सम्मान और उचित कार्य वातावरण प्रदान करना है।”

उन्होंने आगे बताया कि स्वास्थ्य विभाग में जल्द ही 10,000 कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें नर्स, तकनीशियन और अन्य सहायक कर्मचारी शामिल होंगे। डॉ. अंसारी ने कहा, “हमारा सपना है कि हर गांव और हर पंचायत तक डॉक्टर और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचें। लोग महसूस करें कि झारखंड में भी एक मजबूत स्वास्थ्य ढांचा मौजूद है।”
भविष्य की योजनाएं: रिम्स-2 और नए मेडिकल कॉलेज
स्वास्थ्य मंत्री ने भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए बताया कि रांची में रिम्स-2 की स्थापना की जाएगी, जो एक अत्याधुनिक चिकित्सा केंद्र होगा। इसके साथ ही, राज्य में छह नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, ताकि भविष्य में डॉक्टरों की कमी न रहे। उन्होंने कहा, “जब तक मेडिकल कॉलेज नहीं बनेंगे, तब तक नए डॉक्टर तैयार नहीं होंगे। इसलिए हम शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को समान रूप से मजबूत कर रहे हैं।”
डॉ. अंसारी ने यह भी बताया कि रांची समेत राज्य के सभी सदर अस्पतालों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं मिलें, इसके लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “एक डॉक्टर 10,000 लोगों को स्वास्थ्य सेवा दे सकता है। इन 170 डॉक्टरों की नियुक्ति से लाखों लोगों को राहत मिलेगी।”

यह नियुक्ति झारखंड जैसे गरीब और आदिवासी बहुल राज्य के स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद करेगा, बल्कि आम जनता में यह विश्वास भी जगाएगा कि सरकार उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है। नव-नियुक्त डॉक्टरों ने भी इस अवसर पर अपनी खुशी जाहिर की और कहा कि वे झारखंड के लोगों की सेवा के लिए तत्पर हैं।

















