रांची के 15 ट्राइबल बच्चों ने पहली बार दिल्ली देखी: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने दिल्ली आवास पर की मुलाकात
नई दिल्ली/रांची : हजारीबाग के पारस नाथ पब्लिक स्कूल के 15 आदिवासी (ट्राइबल) बच्चों को आज एक यादगार अनुभव मिला। ये बच्चे, जो आज तक कभी ट्रेन में नहीं चढ़े थे और न ही कभी रांची से बाहर निकले थे, पहली बार हवाई यात्रा कर दिल्ली पहुंचे। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने अपने दिल्ली आवास पर इन बच्चों से आत्मीय मुलाकात की और उन्हें प्रोत्साहित किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राउंड टेबल इंडिया संस्था के ‘फ्लाइट ऑफ फैंटसी’ जैसे नेक कार्यक्रम के तहत इन बच्चों को दिल्ली लाया गया है। संस्था का उद्देश्य ऐसे ग्रामीण और आदिवासी बच्चों को देश की राजधानी घुमाकर उनकी सोच को व्यापक बनाना है, ताकि वे भारत की समृद्ध कला, संस्कृति, इतिहास और लोकतंत्र से परिचित हो सकें।
आज इन बच्चों को वार मेमोरियल और इंडिया गेट घुमाया गया, जहां उन्होंने देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत हुए। श्री संजय सेठ ने बताया कि ऐसे बच्चे जो कभी बाहर नहीं निकले, उन्हें देश के महत्वपूर्ण स्थलों का दर्शन कराना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, “राउंड टेबल संस्था द्वारा यह एक सराहनीय कार्य किया जा रहा है। मेरा संकल्प है कि हमारे युवा भारतीय संस्कृति को गहराई से जानें-समझें। इसी उद्देश्य से इन रांची के बच्चों को दिल्ली के लोकतंत्र के प्रतीकों और शहीद स्थलों के दर्शन कराए जा रहे हैं।”
कल (3 फरवरी) इन बच्चों को राष्ट्रपति भवन और संसद भवन (भारत के लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर) का भ्रमण कराया जाएगा। यहां वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात करेंगे। यह यात्रा बच्चों के लिए न केवल पहली हवाई सफर बल्कि जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित होगी।
राउंड टेबल इंडिया के इस प्रयास से झारखंड के आदिवासी बच्चों में आत्मविश्वास और राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत होगी। संजय सेठ ने संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम देश के कोने-कोने के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

















