धनबाद की एक भावुक कर देने वाली ‘अटूट प्रेम कहानी’: सोसल मीडिया पर छाया । अस्पताल के बेड पर मनाई शादी की 35वीं सालगिरह
धनबाद की एक भावुक कर देने वाली ‘अटूट प्रेम कहानी’: सोसल मीडिया पर छाया । अस्पताल के बेड पर मनाई शादी की 35वीं सालगिरह
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धनबाद: कहते हैं प्यार सिर्फ अच्छे वक्त का साथी नहीं होता, बल्कि मुश्किल घड़ियों में ढाल बनकर खड़ा रहना ही असली प्रेम है। धनबाद (सिंदरी) के पूर्व भाजपा विधायक इंद्रजीत महतो और उनकी पत्नी तारा देवी की प्रेम कहानी आज पूरे झारखंड के लिए मिसाल बन गई है। पिछले 4 साल से अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे पति के लिए तारा देवी का समर्पण देख हर कोई भावुक है।
अस्पताल का कमरा और 35 साल का साथ
शादी की 35वीं सालगिरह पर जहाँ लोग जश्न मनाते हैं, वहीं तारा देवी ने हैदराबाद के HCAH अस्पताल के एक साधारण कमरे में अपने पति के साथ यह दिन बिताया। उन्होंने अस्पताल के बेड पर ही सोलह श्रृंगार किया, नए कपड़े पहने और कोमा जैसी स्थिति में लेटे अपने पति का आशीर्वाद लिया। सोशल मीडिया पर जब इसकी तस्वीरें आईं, तो कोयलांचल के लोगों की दुआएं उमड़ पड़ीं।
संघर्षों का पहाड़: कोरोना से लेकर बेटे को खोने तक का दर्द
इंद्रजीत महतो की जिंदगी में दुखों का सिलसिला अप्रैल 2021 में शुरू हुआ, जब वे कोरोना की चपेट में आए। तब से वे अस्पताल में ही हैं। इस बीच तारा देवी पर दुखों का पहाड़ तब टूटा जब 2023 में उनके बेटे विवेक की एक हादसे में मौत हो गई।
तारा देवी के संघर्ष के तीन बड़े पहलू:
अकेले संभाला मोर्चा: पति के इलाज के साथ-साथ घर और राजनीति की जिम्मेदारी निभाई।
राजनीतिक सफर: 2024 के चुनाव में सिंदरी से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
भावुक संदेश: उन्होंने लिखा, “35 साल गुजर गए, आप हमेशा विजेता रहे। अब उठिए और अपने परिवार से मिलिए।”
जनता कर रही है स्वस्थ होने की कामना
तारा देवी पूर्व जिला परिषद सदस्य रही हैं और वर्तमान में अपनी डॉक्टर बेटी निशि महतो के साथ मिलकर पति के इलाज में जुटी हैं। सिंदरी और धनबाद की जनता आज भी अपने ‘ हीरो’ इंद्रजीत महतो के वापस लौटने का इंतजार कर रही है। लोग प्रार्थना कर रहे हैं कि यह प्रेम कहानी जल्द ही एक सुखद मोड़ ले और विधायक जी स्वस्थ होकर वापस लौटें।

















