झामुमो के 54वें स्थापना दिवस पर सीएम हेमंत सोरेन की बड़ी चेतावनी: आउटसोर्सिंग कंपनियों को 75% स्थानीय नौकरी अनिवार्य, न मानने पर कब्जा कर लेंगे लोग
झामुमो के 54वें स्थापना दिवस पर सीएम हेमंत सोरेन की बड़ी चेतावनी: आउटसोर्सिंग कंपनियों को 75% स्थानीय नौकरी अनिवार्य, न मानने पर कब्जा कर लेंगे लोग
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धनबाद: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 54वें स्थापना दिवस के मौके पर धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोयला क्षेत्र की आउटसोर्सिंग कंपनियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन कंपनियों को 75 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय झारखंडियों को देनी होंगी। ऐसा न होने पर स्थानीय लोग अपना हक हासिल करने के लिए कंपनियों पर कब्जा कर लेंगे और सरकार इस न्याय की लड़ाई में जनता के साथ खड़ी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “कोयला कंपनियां अब खनन का काम आउटसोर्सिंग के जरिए प्राइवेट कंपनियों को सौंप रही हैं। ये कंपनियां बाहर से मजदूर लाकर काम चला रही हैं, ताकि स्थानीय लोग हक की लड़ाई न लड़ सकें। लेकिन अब झारखंडी ‘बोका’ नहीं रहे। हमने कानून बनाया है कि आउटसोर्सिंग कंपनियों को 75 प्रतिशत स्थानीय मजदूरों को रोजगार देना होगा। अगर नहीं दिया, तो आप लोग इन पर कब्जा कर लें।
सरकार आपके साथ है।”यह बयान झामुमो की मूल विचारधारा से जुड़ा है, जो स्थानीय रोजगार, आदिवासी-मूलवासी हितों और राज्य के संसाधनों पर अधिकार की रक्षा पर केंद्रित रही है। कार्यक्रम में दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और पार्टी के इतिहास, संघर्ष तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला गया।
झारखंड सरकार ने पहले निजी क्षेत्र में 75% स्थानीय आरक्षण का प्रावधान किया था, हालांकि उच्च न्यायालय ने इसे स्टे किया हुआ है और राज्य अपील कर रहा है। कोयला क्षेत्र में आउटसोर्सिंग के खिलाफ यह ताजा बयान स्थानीय युवाओं के बीच व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य के संसाधनों का दोहन हो रहा है, लेकिन स्थानीय युवाओं को न्याय नहीं मिल रहा।
















