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गैंग्स ऑफ वासेपुर फेम गैंगस्टर फहीम खान की तबीयत बिगड़ी, कड़ी सुरक्षा में एमजीएम अस्पताल भर्ती

गैंग्स ऑफ वासेपुर फेम गैंगस्टर फहीम खान की तबीयत बिगड़ी, कड़ी सुरक्षा में एमजीएम अस्पताल भर्ती

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जमशेदपुर, 29 अगस्त– झारखंड के कुख्यात अपराधी फहीम खान, जिनकी जिंदगी पर बनी फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा पैदा की, की तबीयत शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई। घाघीडीह केंद्रीय कारा में उम्रकैद की सजा काट रहे फहीम को तत्काल इलाज के लिए जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचते ही सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है, और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, फहीम खान को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर शिकायत हुई, जिसकी वजह से जेल प्रशासन ने फौरन कार्रवाई की। परसुडीह थाना क्षेत्र में स्थित घाघीडीह जेल से उन्हें कड़ी सुरक्षा में एमजीएम अस्पताल (डिमना रोड, मानगो) शिफ्ट किया गया। फिलहाल, उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टरों ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। अस्पताल परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। जेल अधीक्षक और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से स्थिति पर नजर रख रही है।

फहीम खान धनबाद के वासेपुर इलाके के प्रमुख गैंगस्टर रहे हैं, जो कोयला, लोहा, जमीन और रंगदारी जैसे अवैध कारोबारों से जुड़े थे। 2015 से वे घाघीडीह जेल में सगीर हत्याकांड समेत कई संगीन मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। जेल में रहते हुए भी उनके गिरोह की गतिविधियां सुर्खियां बटोरती रहीं हैं। पिछले वर्षों में उनके परिवार में भी रंजिशें देखने को मिलीं, जैसे 2024 में उनके भांजे गुल खान की हत्या। फहीम की तबीयत पहले भी कई बार बिगड़ी है – 2021 में शूगर और ब्लड प्रेशर की समस्या पर एमजीएम में चेकअप हुआ था, जबकि अन्य मौकों पर रांची के रिम्स अस्पताल में इलाज कराया गया।

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तुरंत प्रतिक्रियाएं आने लगीं। एक पोस्ट में कहा गया, “वासेपुर गैंगस्टर फहीम खान की तबीयत बिगड़ी, घाघीडीह जेल से कड़ी सुरक्षा में एमजीएम अस्पताल शिफ्ट।” यह घटना अपराध और स्वास्थ्य दोनों मुद्दों पर चर्चा को जन्म दे रही है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फहीम के इलाज के दौरान सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। यदि उनकी हालत में कोई बदलाव होता है, तो तुरंत अपडेट जारी किया जाएगा। यह घटना झारखंड के अपराध इतिहास में एक और अध्याय जोड़ती है, जहां वासेपुर गैंगवार की कहानी आज भी लोगों के जेहन में ताजा है।

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