वासेपुर फिर दहला: ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ फेम फहीम खान के बेटे के ड्राइवर पर फायरिंग, इलाके में तनाव
वासेपुर फिर दहला: ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ फेम फहीम खान के बेटे के ड्राइवर पर फायरिंग, इलाके में तनाव

धनबाद (वासेपुर): कोयलांचल का वासेपुर इलाका एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा है। जुमे की रात तरावीह की नमाज के दौरान अज्ञात अपराधियों ने ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के चर्चित किरदार फैजल खान के असली प्रेरणास्रोत फहीम खान के बेटे, इकबाल खान के ड्राइवर पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
तरावीह के वक्त हुई वारदात
मिली जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब 11 बजे की है। फहीम खान के बेटे इकबाल खान का ड्राइवर बबली खान उर्फ हैदर अंसारी कलालीबागान इलाके में मौजूद था। चश्मदीदों के मुताबिक, वहां दो संदिग्ध युवक पहले से खड़े थे। जब बबली ने उनसे पूछताछ की, तो विवाद बढ़ गया और हाथापाई शुरू हो गई। इसी बीच एक हमलावर ने पिस्तौल निकालकर बबली पर गोली चला दी।
गोली लगने के बाद बबली जमीन पर गिर पड़ा और हमलावर पैदल ही गलियों का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल बबली को आनन-फानन में असर्फी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर रेफर कर दिया है।
वर्चस्व की जंग: फहीम खान बनाम प्रिंस खान
पुलिस इस वारदात को वासेपुर में चल रहे पुराने गैंगवार का हिस्सा मान रही है। लंबे समय से फहीम खान और उसके भांजे प्रिंस खान के बीच वर्चस्व की खूनी लड़ाई चल रही है।
* फहीम खान: वर्तमान में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
* प्रिंस खान: दुबई में बैठकर अपना गैंग चला रहा है। उसके खिलाफ इंटरपोल ने ‘रेड एंड ब्लू कॉर्नर’ नोटिस जारी किया हुआ है और उस पर हत्या, रंगदारी और अपहरण के 90 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
> पुलिस की कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
वासेपुर बना पुलिस छावनी
रमजान के पवित्र महीने में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों में रोष और डर पैदा कर दिया है। फिलहाल वासेपुर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस का दावा है कि अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन इस हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वासेपुर की सड़कों पर गैंगवार की आग अभी ठंडी नहीं हुई है।


















