हजारीबाग हाई-सिक्योरिटी जेल से तीन उम्रकैद कैदी फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
हजारीबाग हाई-सिक्योरिटी जेल से तीन उम्रकैद कैदी फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
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हजारीबाग, 31 दिसंबर झारखंड की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा (जेपी कारा) से तीन उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों के फरार होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। फरार कैदी धनबाद जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। जेल अधीक्षक चंद्रशेखर सुमन ने घटना की पुष्टि की है।
यह घटना 29-30 दिसंबर की रात की बताई जा रही है, जो सुबह कैदियों की गिनती के दौरान पता चली।
कैसे हुई फरारी?
रिपोर्ट्स के अनुसार, कैदियों ने फिल्मी अंदाज में जेल की पांच लेयर वाली सुरक्षा व्यवस्था को भेदा:शौचालय जाने का बहाना बनाकर बैरक से बाहर निकले।
बैरक में बिस्तर बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले टेंट हाउस के कपड़े से रस्सी बनाई।

- इसी रस्सी का सहारा लेकर भागे कैदी
लोहे का हुक लगाकर जेल की ऊंची दीवार पर चढ़े।
बिजली की फेंसिंग काटी और गुमटी नंबर 4 व 5 के बीच से बाहर निकल गए।
यह जेल नक्सलियों, गैंगस्टर्स और हाई-प्रोफाइल अपराधियों के लिए जानी जाती है। यहां हाल के महीनों में सुरक्षा को और मजबूत किया गया था, फिर भी इस तरह की घटना ने प्रशासन की पोल खोल दी है।
प्रशासन की कार्रवाईघटना की जानकारी मिलते ही जेल और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया है।
आसपास के जिलों में नाकाबंदी और अलर्ट जारी।
जेल परिसर में मुलाकातियों का प्रवेश रोक दिया गया। सभी कैदियों को वार्डों में बंद कर दिया गया है।
एसडीओ, एसडीपीओ सहित वरीय अधिकारी जेल में डेरा डाले हुए हैं।
फिलहाल फरार कैदियों के नाम या उनके अपराध की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच जारी है और जल्द ही कैदियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है।यह घटना जेल सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।

















