इंडिगो फ्लाइट की बेंगलुरु में इमरजेंसी लैंडिंग, पायलट ने जारी किया था ‘मेडे’ कॉल
गुवाहाटी से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-6764 को गुरुवार (19 जून, 2025) की रात बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (KIA) पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। विमान में ईंधन की गंभीर कमी के कारण पायलट ने ‘मेडे’ कॉल जारी किया था, जो विमानन में किसी गंभीर संकट का संकेत होता है। इस घटना के बाद सभी 168 यात्रियों और चालक दल को सुरक्षित उतार लिया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!क्या हुआ था?
इंडिगो का यह एयरबस A321 विमान गुवाहाटी से शाम 4:40 बजे उड़ान भरकर चेन्नई में रात 7:45 बजे लैंड करने वाला था। चेन्नई हवाई अड्डे पर खराब मौसम और भारी यातायात के कारण विमान लैंड नहीं कर सका। पायलट ने लैंडिंग के दौरान ‘बाल्क्ड लैंडिंग’ (go-around) का फैसला लिया, जिसमें विमान का लैंडिंग गियर रनवे को छूने के बाद भी लैंडिंग रद्द कर दी गई। इसके बाद, विमान को बेंगलुरु डायवर्ट करने का निर्णय लिया गया।
बेंगलुरु से लगभग 35 नॉटिकल मील की दूरी पर पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को ‘मेडे’ कॉल जारी कर ईंधन की कमी की सूचना दी। ATC ने तुरंत ग्राउंड स्टाफ को अलर्ट किया, और मेडिकल व फायर सर्विसेज को तैयार रखा गया। विमान रात 8:20 बजे सुरक्षित लैंड कर गया।
यात्रियों में दहशत
एक यात्री ने बताया कि लैंडिंग रद्द होने के बाद विमान के अचानक तेजी से ऊपर चढ़ने से यात्रियों में डर का माहौल था। हालांकि, चालक दल की सतर्कता और ATC की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।
पायलट डी-रोस्टर, DGCA जांच शुरू
घटना के बाद दोनों पायलटों को डी-रोस्टर कर दिया गया है, और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में ईंधन प्रबंधन, उड़ान योजना, और कॉकपिट के फैसलों की समीक्षा की जाएगी। इंडिगो ने अभी तक इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
हालिया विमानन घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
यह घटना अहमदाबाद में 12 जून, 2025 को हुए एयर इंडिया विमान हादसे के ठीक एक सप्ताह बाद हुई है, जिसमें 279 लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे में भी पायलट ने ‘मेडे’ कॉल जारी किया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने भारत के विमानन सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं।

















