अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: सिल्ली में महिलाओं का सम्मान, सुदेश महतो ने की उपलब्धियों की सराहना
रांची : सिल्ली स्टेडियम परिसर के किसान भवन में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में पूर्व उप मुख्यमंत्री और आजसू प्रमुख सुदेश कुमार महतो ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उन्होंने महिलाओं की उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान की जमकर सराहना की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चुनौतियों के बीच स्थापित की पहचान
सुदेश महतो ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने कहा, “पहले महिलाएं घर की चारदीवारी और सामाजिक बंधनों तक सीमित थीं, लेकिन आज वे पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश और झारखंड की प्रगति में योगदान दे रही हैं। महिलाएं न केवल बराबरी कर रही हैं, बल्कि कई क्षेत्रों में पुरुषों से आगे हैं।”
शिक्षा और लिंगानुपात पर जोर
महिलाओं की शिक्षा को सामाजिक प्रगति का आधार बताते हुए श्री महतो ने कहा कि एक शिक्षित बालिका न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज को नई दिशा देती है। उन्होंने लिंगानुपात को संतुलित करने की चुनौती पर भी जोर दिया और इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी को आवश्यक बताया।
पंचायती राज में महिलाओं को सशक्तिकरण
श्री महतो ने पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस पहल ने महिलाओं को राजनीति की मुख्यधारा में लाने और उन्हें नेतृत्व प्रदान करने का अवसर दिया है। “महिला समूहों के माध्यम से आज हम उनकी अलग पहचान देख रहे हैं, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है,” उन्होंने कहा।
क्षेत्र की महिलाओं का सम्मान
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वाली महिलाओं में रांची जिला परिषद उपाध्यक्ष वीणा चौधरी, चंचला देवी, भानु देवी, उर्मिला देवी, अनीता देवी, जयंती देवी, सुनना देवी, आरती देवी, सरिता कुमारी, ज्योति देवी, नीलमा देवी, उमा देवी, सुकरी देवी, और आलोका देवी शामिल थीं।
कार्यक्रम में उमड़ा उत्साह
समारोह में गूंज परिवार के संयोजक जयपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिलाओं के उत्साह और उनके प्रति समाज के सम्मान की झलक साफ देखी गई।
महिलाओं के सशक्तिकरण का संदेश
यह आयोजन न केवल महिलाओं की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि उनके सशक्तिकरण और समाज में बराबरी की दिशा में एक कदम भी साबित हुआ। सुदेश महतो के संबोधन ने उपस्थित लोगों में नई ऊर्जा का संचार किया और महिलाओं को और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

















