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झारखंड विधानसभा मानसून सत्र का समापन: हेमंत सोरेन बोले- ‘सदन का आकलन जनता करती है’, बाबूलाल मरांडी ने लगाया सवालों से भागने का आरोप

रांची: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त हो गया। सत्र के समापन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सदन की कार्यवाही का आकलन सरकार नहीं, बल्कि जनता करती है। उन्होंने कहा, “सदन कैसा चलता है, इसका आकलन हम नहीं करते, जनता करती है। इसका जिम्मा और आकलन का हिस्सा हम राज्य की जनता पर छोड़ते हैं।”

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वहीं, नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर सवालों से भागने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने से कतराती नजर आई। मरांडी ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष जनहित के मुद्दों को उठा रहा है, लेकिन सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है।” उन्होंने सूर्या हांसदा एनकाउंटर, किसानों के मुद्दों और बदलती डेमोग्राफी जैसे विषयों पर सरकार को घेरने की बात कही।

इसके जवाब में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तंज कसते हुए कहा, “सदन में रहता कौन है, उसको जनता देख रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को उनकी सरकार से लगातार परेशानी बनी हुई है, लेकिन वे जनहित के मुद्दों पर काम करना जारी रखेंगे।

मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की, जिसमें सूर्या हांसदा एनकाउंटर और झारखंड विश्वविद्यालय विधेयक-2025 प्रमुख रहे। सत्र के पहले दिन 22 अगस्त को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 4,296.62 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया था। इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग भी सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक स्वर में उठाई थी।

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