झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की लीगल अफेयर्स उप समिति की पहली बैठक संपन्न, स्थानीय कानूनों के डिजिटलीकरण और विधिक पारदर्शिता पर जोर
रांची : झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की लीगल अफेयर्स उप समिति की पहली बैठक रविवार को चैंबर भवन में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने की। इस बैठक में राज्य में विधिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में यह निर्णय लिया गया कि झारखंड के सभी स्थानीय कानूनों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक करने के लिए राज्य के विधि विभाग को पत्राचार किया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को विधिक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि राज्य लोकायुक्त और राज्य सूचना आयोग के कई महत्वपूर्ण पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं। समिति ने सहमति जताई कि इन पदों पर शीघ्र नियुक्ति के लिए राज्य सरकार से औपचारिक आग्रह किया जाएगा।
इसके अलावा, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) के प्रावधानों के प्रभावी पालन के लिए डीजीपी, झारखंड को पत्र भेजने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी तय हुआ कि व्यापार जगत से संबंधित जटिल कानूनों की समीक्षा कर उनके सरलीकरण के लिए विभागीय स्तर पर पहल शुरू की जाएगी।
लीगल अफेयर्स उप समिति के चेयरमैन प्रेम शंकर मिश्रा ने कहा कि, “विधिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण और पारदर्शिता व्यापारिक वातावरण को सुदृढ़ बनाएगी। झारखंड में विधिक प्रणाली का डिजिटल रूपांतरण समय की आवश्यकता है।”
वहीं उप समिति चेयरमैन देवेश अजमानी और वैभव मोदी ने संयुक्त रूप से कहा कि व्यापार जगत और शासन तंत्र के बीच बेहतर समन्वय के लिए विधिक जागरूकता और कानूनों की समय-समय पर समीक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लीगल अफेयर्स उप समिति इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएगी।
बैठक में अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव रोहित पोद्दार, चेयरमैन प्रेम शंकर मिश्रा, देवेश अजमानी, वैभव मोदी, पूनम आनंद, शशांक भारद्वाज, प्रमोद सारस्वत, राजीव चौधरी, शैलेन्द्र सुमन और श्रवण कुमार उपस्थित थे।

















