झारखंड निकाय चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन की करारी हार: आदित्य साहू ने लगाए गंभीर आरोप, कहा- तिकड़म और सत्ता दुरुपयोग के बावजूद जनता ने भाजपा की विचारधारा को चुना
रांची : झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर निकाय चुनावों में बड़े पैमाने पर साजिश, तिकड़म और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इन सबके बावजूद सत्ताधारी गठबंधन (झामुमो-कांग्रेस) को हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर आई है और जनता ने पार्टी की राष्ट्रवादी सोच व सेवाभावी कार्यकर्ताओं को अपनाया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आदित्य साहू ने कहा कि राज्य सरकार शुरू से ही निकाय चुनाव नहीं कराना चाहती थी। भाजपा कार्यकर्ताओं के न्यायालयीन संघर्ष और सड़क से सदन तक के आंदोलनों के कारण ही चुनाव संभव हो सके। चुनाव घोषणा के बाद भी सरकार ने बैलेट पेपर से मतदान का फैसला लिया, जो मत प्रभावित करने की कोशिश थी। रांची नगर निगम में भाजपा समर्थित उम्मीदवार रोशनी खलखो सहित अन्य के लगभग 40 हजार वोट रद्द होने का उदाहरण देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने भाजपा उम्मीदवारों को हराने के लिए चक्रव्यूह रचा।
साहू ने पुलिस प्रशासन के दुरुपयोग का भी जिक्र किया और कहा कि चक्रधरपुर, चाईबासा, चास, देवघर जैसे स्थानों पर जीते हुए भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को प्रशासन के सहयोग से हराया गया। पूरे 48 निकायों में मतगणना प्रभावित करने की कोशिश हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दलों ने खुलेआम वोट खरीदने की कोशिश की, जहां एक वोट के लिए 3000 रुपये तक देने की बातें सामने आईं। झामुमो के केंद्रीय पदाधिकारी ने साइलेंस पीरियड में प्रेस वार्ता कर वोट मांगे और मईयां सम्मान राशि बांटकर आचार संहिता का उल्लंघन किया।
आदित्य साहू ने कहा, “इन सब साजिशों के बीच जनता ने राज्य सरकार की नीतियों और अहंकार को ठुकरा दिया है। निकाय चुनावों के परिणाम स्पष्ट करते हैं कि जनता का झुकाव भाजपा की सोच और विचारों की ओर है।” उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि साजिशें अभी खत्म नहीं हुई हैं, लेकिन जनता का फैसला सर्वोपरि है।
प्रेस वार्ता में उन्होंने सभी विजयी प्रत्याशियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और राज्य की जनता को बधाई दी। इस मौके पर मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक और एसटी मोर्चा के राजेंद्र मुंडा भी उपस्थित थे।
















