झारखंड पुलिस में नवीन आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन: ई-साक्ष्य ऐप पर विशेष जोर, समयबद्ध जांच के निर्देश
रांची : भारत सरकार के गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा-II) निष्ठा तिवारी और झारखंड की महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक तदाशा मिश्र की संयुक्त अध्यक्षता में आज पुलिस मुख्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य फोकस भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 जैसे नवीन आपराधिक कानूनों के प्रावधानों का सही अनुपालन सुनिश्चित करना तथा जांच प्रक्रिया में ई-साक्ष्य ऐप के प्रभावी एवं सकारात्मक उपयोग पर रहा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में निष्ठा तिवारी ने जिलों द्वारा ई-साक्ष्य ऐप के उपयोग में आ रही चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि नए कानूनों के अनुसार सभी कांडों का अनुसंधान निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। साथ ही, वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक टीम की सहायता अनिवार्य रूप से ली जाए। ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से अपराध स्थल, सर्च एवं जब्ती की प्रक्रिया को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड करने पर बल दिया गया, ताकि साक्ष्यों की मौलिकता और अदालत में स्वीकार्यता सुनिश्चित हो सके।
चर्चा के दौरान साइबर क्राइम, काउंटर टेररिज्म, ड्रग कंट्रोल, डिजास्टर मैनेजमेंट, पुलिस मॉडर्नाइजेशन और विदेशियों की वैधता से जुड़े मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। इन क्षेत्रों में पुलिस की कार्यक्षमता और कार्यप्रणाली की भी गहन समीक्षा की गई।
बैठक में डॉ. शाहिल अरोड़ा, उप-प्रधानाचार्य, सीडीटीआई, चंडीगढ़, संयुक्त निदेशक, एसआईबी, रांची, डायरेक्टर, डायरेक्टोरेट ऑफ प्रॉसिक्यूशन, डायरेक्टर, हेल्थ सर्विसेज, झारखंड, प्रभात कुमार, पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा, असीम विक्रांत मिंज, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध अनुसंधान विंग, ए. विजयालक्ष्मी, पुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण, डॉ. माईकलराज एस., पुलिस महानिरीक्षक, अभियान, सुदर्शन प्रसाद मंडल, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय के साथ अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी एवं गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

















