झामुमो का भाजपा पर पलटवार: हेमंत सरकार सबकी सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध, भाजपा की राजनीति झूठ और धार्मिक ध्रुवीकरण पर टिकी

रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार पर लगाए गए आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय ने कहा कि हेमंत सरकार सभी धर्मों, जातियों और क्षेत्रों के लोगों की सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है, न कि किसी एक धर्म विशेष के लिए। उन्होंने भाजपा पर झूठ, भ्रम और सांप्रदायिकता के सहारे जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा की राजनीति झारखंड की अस्मिता और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने वाली रही है, जो हर मुद्दे को धार्मिक रंग देने की कोशिश करती है। सिमडेगा में चर्च की सुरक्षा को लेकर हुई प्रशासनिक बैठक को उन्होंने एक कानूनी और शांति-सुव्यवस्था से जुड़ा कदम बताया, न कि किसी धर्म विशेष के पक्ष में उठाया गया कदम। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयान का उल्लेख करते हुए कहा, “एकता झारखंड के लोगों का सबसे बड़ा हथियार है, जिसे न तो विभाजित किया जा सकता है और न ही चुप कराया जा सकता है।”

विनोद पांडेय ने जोर देकर कहा कि हेमंत सोरेन का नेतृत्व धार्मिक सद्भावना का प्रतीक है, जो विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच आपसी सम्मान, सहनशीलता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देता है। उन्होंने दावा किया कि हेमंत सोरेन की इस ताकत के आगे भाजपा की विभाजनकारी राजनीति पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि झारखंड की जनता ने लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ हेमंत सोरेन को सत्ता सौंपी है।

उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित हो, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या क्षेत्र से हो। पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा को यह बात रास नहीं आ रही कि हेमंत सरकार सामाजिक सौहार्द और विकास के लिए लगातार काम कर रही है, जबकि भाजपा की राजनीति केवल झूठे आरोपों और धार्मिक ध्रुवीकरण पर आधारित है।

विनोद पांडेय ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने सभी धार्मिक स्थलो चाहे सरना स्थल, मांझी थान, मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारा—की सुरक्षा सुनिश्चित की है। विवाद या तनाव की स्थिति में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर शांति स्थापित की है, और जनता ने भी इसमें सहयोग देकर मिसाल पेश की है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि उसका एकमात्र एजेंडा झूठ और भय फैलाकर वोट बटोरना है।

विनोद पांडेय ने बाबूलाल मरांडी से सवाल किया, “उनके शासनकाल में कितने सरना स्थल, मंदिर या गुरुद्वारे सुरक्षित थे? कितनी घटनाओं में दोषियों पर कार्रवाई हुई थी?”

अंत में, पांडेय ने कहा कि झारखंड की धरती विविधता में एकता की प्रतीक है, और हेमंत सरकार लोगों की अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने भाजपा को चेतावनी दी कि वह झारखंड की जनता की ताकत को कम न आंके।

















