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झामुमो ने खारिज किए भाजपा के आरोप, कहा- सरकार की स्थिरता भंग करना है मकसद

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं, विशेष रूप से बाबूलाल मरांडी के बयानों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बढ़ती लोकप्रियता से बौखलाया हुआ है और झूठ व अफवाहों का सहारा ले रहा है। पांडेय ने मरांडी पर “लूट” और “घोटाले” जैसे मनगढ़ंत आरोप लगाकर मुख्यमंत्री और पुलिस महकमे को बदनाम करने का स्वांग रचने का आरोप लगाया।

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विनोद पांडेय ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही में मिसाल कायम की है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि भाजपा के पास कोई ठोस सबूत है, तो उसे जांच एजेंसियों को सौंपे, लेकिन विपक्ष के पास तथ्यों का अभाव होने के कारण वह केवल प्रेस बयानों और सोशल मीडिया के जरिए जनता को गुमराह कर रहा है।

विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा का असल उद्देश्य भ्रष्टाचार की जांच नहीं, बल्कि जनादेश से बनी सरकार की स्थिरता को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने कहा, “मरांडी जी जिस तरह अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम लेकर अनर्गल बयान दे रहे हैं, वह प्रशासनिक व्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार कानून के शासन में विश्वास रखती है और हर शिकायत का उचित मंच पर संज्ञान लिया जाता है।

बच्चों के पोषण को लेकर भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए पांडेय ने कहा कि झारखंड में कुपोषण जैसी समस्या भाजपा के लंबे शासनकाल की देन है। हेमंत सोरेन सरकार ने ‘पोषण अभियान’, आंगनबाड़ी केंद्रों के आधुनिकीकरण और पोषण आहार बजट बढ़ाने जैसे कदम उठाए हैं। कोविड और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय नियमित किया गया और गर्भवती महिलाओं व बच्चों के लिए पोषण योजनाओं को लागू किया गया।

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को झूठे आरोपों के बजाय रचनात्मक सुझाव देने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड विकास और सामाजिक न्याय के नए मानक स्थापित कर रहा है। आदिवासी, दलित, किसान, पिछड़ा वर्ग, महिलाओं और युवाओं के उत्थान के लिए योजनाएं तेजी से लागू हो रही हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा को स्वीकार करना चाहिए कि झारखंड अब घोटालों के अंधकार से निकलकर पारदर्शी शासन के उजाले की ओर बहुत आगे बढ़ चुका है।”

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