झारखंड में बच्चों का निवाला छीन रही हेमंत सरकार: राफिया नाज़
रांची: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नेता राफिया नाज़ ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर बच्चों के कुपोषण के मुद्दे पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बच्चों के पोषण को प्राथमिकता देने के बजाय अपनी छवि चमकाने और सत्ता सुख भोगने में व्यस्त है।
राफिया ने कहा कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के आंकड़े झारखंड में बच्चों की बदतर स्थिति को उजागर करते हैं। सर्वे के अनुसार, राज्य में 42.9% बच्चे कम वजन वाले, 39.6% बच्चे कद में छोटे और 29.5% बच्चे कुपोषित व कमजोर हैं। यह आंकड़े राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक खराब हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बच्चों की भूख को नजरअंदाज किया जा रहा है, तो विज्ञापन और वीआईपी सुविधाओं पर अंधाधुंध खर्च क्यों?
उन्होंने सरकार की संवेदनहीनता पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्रियों और विधायकों के लिए बंगले, गाड़ियां और सुख-सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन बच्चों के पोषण के लिए फंड की कमी बताई जाती है। राफिया ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की दुर्दशा पर भी प्रकाश डाला, जिन्हें महीनों से मानदेय नहीं मिला। ये कार्यकर्ता बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए दिन-रात मेहनत करती हैं, लेकिन उनकी मेहनत का हक देने में सरकार नाकाम रही है।
राफिया ने बीजेपी की ओर से बच्चों के हितों की रक्षा का वादा दोहराया और सरकार से मांग की कि आंगनबाड़ी पोषण आहार की राशि में तत्काल वृद्धि की जाए, कार्यकर्ताओं का समय पर भुगतान सुनिश्चित हो और कुपोषित बच्चों के लिए विशेष पोषण योजनाएं लागू की जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा, “हर बच्चे का हक है कि वह स्वस्थ और खुशहाल जीवन जिए। इसे नजरअंदाज करना अस्वीकार्य है।”
राफिया नाज़ ने चेतावनी दी कि बीजेपी बच्चों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं करेगी और इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाए रखेगी।

















