आईए जानते हैं कौन है बी सुदर्शन रेड्डी ? जिन्हें विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है
आईए जानते हैं कौन है बी सुदर्शन रेड्डी ? जिन्हें विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डेस्क :B. Sudarshan Reddy: विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने मंगलवार, 19 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार के रूप में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी के नाम की घोषणा की। इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नई दिल्ली में आयोजित एक बैठक के बाद की। खड़गे ने रेड्डी को भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक बताते हुए उनके लंबे और प्रभावशाली कानूनी करियर की सराहना की।
कौन हैं बी. सुदर्शन रेड्डी?
बी. सुदर्शन रेड्डी एक अनुभवी और सम्मानित न्यायविद हैं, जिन्होंने भारतीय न्यायपालिका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में की और बाद में गुवाहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उनकी सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में रही, जहां उन्होंने 12 जनवरी 2007 को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कार्य शुरू किया। रेड्डी 8 जुलाई 2011 को सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त हुए। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसलों में योगदान दिया, जो सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित थे।
गरीबों और संविधान के रक्षक
मल्लिकार्जुन खड़गे ने बी. सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए उनके सामाजिक योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया। खड़गे ने कहा, “रेड्डी एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और उनके कई फैसले इस बात का प्रमाण हैं कि उन्होंने हमेशा गरीबों और वंचितों का पक्ष लिया। उन्होंने संविधान और मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अटूट प्रतिबद्धता दिखाई है।” खड़गे ने यह भी बताया कि रेड्डी के नाम पर विपक्षी गठबंधन के सभी सहयोगी दलों की सहमति थी, जो उनकी व्यापक स्वीकार्यता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।
रेड्डी का कानूनी और सामाजिक योगदान
बी. सुदर्शन रेड्डी ने अपने कानूनी करियर में न केवल न्यायिक उत्कृष्टता का परिचय दिया, बल्कि सामाजिक न्याय के लिए भी सक्रिय रूप से काम किया। उनके फैसलों में संविधान के मूल्यों, विशेष रूप से समानता और न्याय के प्रति उनकी गहरी निष्ठा झलकती है। रेड्डी के निर्णयों ने कई बार वंचित वर्गों के अधिकारों को मजबूत करने और सामाजिक असमानताओं को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनकी प्रगतिशील सोच और संवैधानिक सिद्धांतों के प्रति समर्पण ने उन्हें एक सम्मानित व्यक्तित्व बनाया है।
उपराष्ट्रपति चुनाव में अहम भूमिका
विपक्षी गठबंधन द्वारा बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने से यह स्पष्ट है कि INDIA ब्लॉक एक ऐसे व्यक्ति को आगे लाना चाहता है, जो न केवल कानूनी दृष्टि से सशक्त हो, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों के प्रति भी प्रतिबद्ध हो। रेड्डी की उम्मीदवारी को विपक्ष की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य एक मजबूत और प्रगतिशील नेतृत्व को सामने लाना है।
उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बी. सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी को जनता और राजनीतिक हलकों में कैसी प्रतिक्रिया मिलती है। उनके अनुभव, निष्पक्षता और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण को देखते हुए, यह उम्मीदवारी विपक्ष के लिए एक मजबूत कदम माना जा रहा है। रेड्डी के नेतृत्व में उपराष्ट्रपति पद की गरिमा और संवैधानिक जिम्मेदारियों को और मजबूती मिलने की उम्मीद की जा रही है।

















