Lohardaga: प्रधानमंत्री योजना से बनी सड़क तीन साल में जर्जर , गड्ढो का अम्बार
Lohardaga: किसी भी क्षेत्र का विकास वहां की शिक्षा और सड़कों से मापा जाता है. लोहरदगा जिले में भी प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत कई गांवों में सड़क निर्माण कराया गया था. लेकिन ये सड़कें भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गईं. अब ये सड़कें बदहाल हैं. अपने निर्माण के महज 3 साल के भीतर इन सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं. इन सड़कों पर बनवाया गया पुल भी बह गया. हल्की बारिश में ये सड़कें कीचड़ से भर जाता हैं. इनपर लोगों का पैदल चलना भी दूभर होता है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!तीन साल के अंदर सड़कों की हुई इस दुर्दशा पर योजना का काम देख रहा आरयू विभाग इस पर चुप्पी साधे बैठा है और काम कराने वाले ठेकेदार इसपर कार्य ही नहीं कर रहे. प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़कों की मरम्मती कार्यकाल 5 साल तक की होती है, लेकिन बनने के बाद से संवेदक ने एक बार भी इन सड़कों की मरम्मत नहीं कराई है. इसपर विभाग ने कुछ करवाई नहीं की, नतीजा यह रहा कि 3 बरस में सड़कें गायब होने लगीं.
इस बारे में जब मीडिया ने जिला डीसी वाघमारे प्रसाद कृष्ण से पूछा तो उन्होंने कहा कि वो अभी आए हैं. आपके माध्यम से जानकारी मिली है, इस पर तुरंत संज्ञान लेते हैं. जिले के एसडीओ से स्थल निरीक्षण करवा कर उचित करवाई की जाएगी.
ग्रामीण ऋषभ कुमार और अतुल कुमार कहते हैं कि बनने के थोड़े दिन बाद ही सड़क खराब होने लगी थी और अब तो पूरी सड़क ही गायब हो गई, यह सड़क पूरी तरह से भ्रष्टाचार का भेट चढ़ गई, सड़क खराब होने से हमेशा दुर्घटना होते रहती है.
अब जिले के ग्रामीण प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की जर्जर हालत को लेकर सवाल करते हैं कि क्या संवेदकों से अधिकारियों की मिलीभगत के कारण आजतक कोई करवाई नहीं हुई?
क्या सड़क बनाने के समय इंजीनियरोंने गुणवत्ता जांच की थी..?
खराब हो रही सड़कों की मरम्मती विभाग ने क्यों नहीं करवाई..?

















