गंगा नदी के संरक्षण को लेकर बड़ी सुनवाई: एनजीटी में स्टोन बोल्डर परिवहन मामले पर आज फैसला संभव
साहिबगंज : गंगा नदी के संरक्षण और संवर्धन के लिए लंबी लड़ाई लड़ रहे चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर द्वारा दायर याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी), ईस्टर्न जोन, कोलकाता में आज (बुधवार) महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!याचिका संख्या 162/2023 में मुख्य रूप से साहिबगंज जिले से गुजरने वाली गंगा नदी में स्टोन बोल्डर, चिप्स और मेटल के अवैध परिवहन, भंडारण तथा इससे होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने की मांग की गई है। साथ ही गंगा में जलीय जीव-जंतुओं, खासकर संरक्षित गंगा डॉल्फिन के संरक्षण पर भी जोर दिया गया है।
एनजीटी के जस्टिस अरुण कुमार त्यागी और एक्सपर्ट मेंबर डॉ. ए. संथील वेल की बेंच आज सुबह 10:30 बजे से इस मामले की सुनवाई करेगी।
जेल से रिहाई के बाद पहली बड़ी सुनवाई
14 महीने की जेल अवधि पूरी करने के बाद रिहा हुए अरशद नसर विशेष रूप से इस सुनवाई में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंच चुके हैं। उनकी इस पहल पर पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों में काफी उत्साह है।
किन्हें दाखिल करना है जवाब?
सुनवाई के दौरान काउंटर एफिडेविट, स्थलीय जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (नई दिल्ली) के निदेशक, झारखंड सरकार के खान विभाग के सचिव एवं निदेशक, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, साहिबगंज के डिप्टी कमिश्नर (डीसी), डीएमओ और डीटीओ, जीके एंटरप्राइजेज कंपनी (मालदा) और मां तारा एंटरप्राइजेज कंस्ट्रक्शन कंपनी (मुजफ्फरपुर) को दाखिल करने हैं
पत्थर माफिया से लेकर प्रशासन तक की नजर
इस सुनवाई पर पत्थर माफियाओं से लेकर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी नजर टिकी हुई है। यदि एनजीटी सख्त फैसला लेती है तो गंगा नदी से अवैध बोल्डर परिवहन पर लगाम लग सकती है, जिससे गंगा के पारिस्थितिकी तंत्र को बड़ी राहत मिलेगी।
सैयद अरशद नसर लंबे समय से राजमहल पहाड़ियों और गंगा नदी में अवैध खनन, क्रशर संचालन और बोल्डर परिवहन के खिलाफ संघर्षरत हैं। उनकी पुरानी याचिकाओं (जैसे OA No. 23/2017 EZ) में भी एनजीटी ने कई बार सख्त निर्देश दिए हैं, लेकिन समस्या बनी हुई है। यह सुनवाई गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने और जैव-विविधता बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

















