20260223 221405

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बड़ी सफलता: 326 दिनों के ऑपरेशन त्राशी में सभी 7 जैश आतंकी ढेर, क्षेत्र से आतंक का सफाया

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों ने एक लंबे और चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद क्षेत्र में सक्रिय सभी सात आतंकवादियों को मार गिराया है। यह सफलता ऑपरेशन त्राशी और उसके अगले चरण ऑपरेशन त्राशी-I के तहत हासिल की गई, जो लगभग 326 दिनों तक चला। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के इस सात सदस्यीय मॉड्यूल, जिसे “इज़राइल ग्रुप” के नाम से भी जाना जाता था, को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

ऑपरेशन की शुरुआत पिछले वर्ष अप्रैल-मई में हुई थी, जब एक बड़े आतंकी समूह का पता चला। अप्रैल 2025 में तीन हार्डकोर आतंकियों को मार गिराया गया था, लेकिन समूह का कमांडर सैफुल्लाह (कोडनेम) और उसके कुछ साथी भागने में सफल रहे। इसके बाद खुफिया जानकारी के आधार पर 14 जनवरी 2026 को छत्रू इलाके में ऑपरेशन त्राशी-I शुरू किया गया। इस अभियान में काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स डेल्टा (जिसमें असम राइफल्स शामिल हैं), जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की टुकड़ियों ने मिलकर काम किया।

किश्तवाड़ के ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में अत्यधिक ठंड, भारी बर्फबारी, बारिश और कठिन मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने लगातार ट्रैकिंग की। कई मुठभेड़ों में आतंकियों को घेरा गया। 4 फरवरी 2026 को एक आतंकी आदिल को मार गिराया गया। अंतिम चरण में रविवार (22 फरवरी) को तीन आतंकियों को, जिनमें जैश का टॉप कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल था, एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया। इससे पहले के अभियानों में बाकी आतंकियों का सफाया हो चुका था।

सेना के अनुसार, इस पूरे अभियान में FPV ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, UAV और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। इलाके से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए, जिसमें AK-47, M4 कार्बाइन और अन्य शामिल हैं।

सेना के प्रवक्ता ने इसे “दृढ़ संकल्प और समन्वित खुफिया ग्रिड की जीत” बताया। यह ऑपरेशन पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। किश्तवाड़ क्षेत्र में अब सक्रिय आतंकी शून्य हो गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और किसी भी घुसपैठ या गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Share via
Share via