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सिमडेगा में मेगा लीगल इंपावरमेंट कार्यक्रम का भव्य आयोजन: बाल विवाह रोकथाम और साइबर अपराध जागरूकता पर जोर

शंभू कुमार सिंह

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सिमडेगा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं सिमडेगा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में नगर भवन में मेगा लीगल इंपावरमेंट कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य थीम बाल विवाह की रोकथाम और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता रही। इस अवसर पर कानून, प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने तथा डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के लिए लोगों को जागरूक किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। बड़ी संख्या में आम नागरिक, जनप्रतिनिधि, लाभुक, छात्र-छात्राएं, पारा लीगल वॉलिंटियर्स (PLVs) और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य कानूनी सशक्तिकरण के माध्यम से आमजन को उनके अधिकारों और कर्तव्यों से अवगत कराना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाना था।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाल विवाह को गंभीर सामाजिक बुराई बताया। उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की जानकारी देते हुए कहा कि यह कानून 1 नवंबर 2007 से लागू है, जिसमें लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष निर्धारित है। उल्लंघन पर दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की।

ऑनलाइन जुड़ीं जोनल जज अनुभा रावत चौधरी ने सिमडेगा को आगामी एक वर्ष में बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के अभियान की जानकारी दी। उन्होंने रोकथाम पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बाल विवाह होने से पहले ही इसे रोकना जरूरी है। साइबर सुरक्षा पर उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के मोबाइल उपयोग पर नजर रखने की सलाह दी। किसी भी ऑनलाइन परेशानी की स्थिति में तुरंत शिकायत करने को कहा।

सिमडेगा पुलिस द्वारा पीपीटी के माध्यम से साइबर अपराध के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें फर्जी कॉल, अनजान लिंक और ठगी के तरीके बताए गए।

पुलिस अधीक्षक एम. अर्शी ने बाल विवाह के कुपरिणामों पर प्रकाश डालते हुए समाज की जिम्मेदारी पर जोर दिया। साइबर अपराध पर सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि लालच और डर से बचें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए और मौके पर ही योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। कुल 298 लाभुकों को 69,14,617 रुपये की परिसंपत्ति दी गई, जिसमें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, सिलाई मशीन, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, वृद्धा पेंशन, पीएम स्वनिधि, प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना और हिट एंड रन योजना शामिल हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों को किताबें व साइकिल वितरित की गईं तथा गोद भराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी और आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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