संसद के मानसून सत्र का आज समापन: प्रमुख विधेयक पारित, विपक्ष के हंगामे के बीच कई मुद्दों पर हुई चर्चा
नई दिल्ली : संसद का मानसून सत्र आज समाप्त हो रहा है। 21 जुलाई से शुरू हुआ यह सत्र 32 दिनों तक चला, जिसमें कुल 21 बैठकें आयोजित की गईं। इस दौरान सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए और पारित कराए, हालांकि विपक्ष के हंगामे और विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस ने सत्र को हंगामेदार बनाए रखा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस सत्र में सरकार ने 17 नए विधेयकों को पेश करने की योजना बनाई थी, जिनमें से आयकर विधेयक 2025, नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल, नेशनल एंटी-डोपिंग (संशोधन) बिल, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) बिल, और भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025 प्रमुख रहे। आयकर विधेयक 2025, जिसे बजट सत्र में पेश किया गया था, को संसद की चयन समिति ने संशोधनों के साथ स्वीकार किया और इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद पारित किया गया। इसके अलावा, मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
विपक्ष ने सत्र के दौरान कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की। पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर, बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान युद्धविराम मध्यस्थता के दावों पर चर्चा की मांग प्रमुख रही। विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन, ने इन मुद्दों पर हंगामा किया और कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित हुई। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर और अखिलेश प्रसाद सिंह ने बिहार में एसआईआर और निष्पक्ष चुनावों के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव और नियम 267 के तहत नोटिस दिए।
ऑपरेशन सिंदूर, जिसके तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी, सत्र का एक प्रमुख मुद्दा रहा। विपक्ष ने इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा, जबकि सरकार ने दावा किया कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मुद्दे पर विस्तृत बयान देने की बात कही, और लोकसभा में 16 घंटे तथा राज्यसभा में 9 घंटे की चर्चा निर्धारित की गई।
सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष के हंगामे के कारण कई बार लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित हुई। पहले दिन, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया, जबकि सत्तापक्ष के सदस्यों को बोलने की अनुमति थी। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे और इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव जैसे मुद्दों ने भी सत्र में तनाव बढ़ाया।
सत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “राष्ट्र गौरव और विजयोत्सव” का सत्र करार दिया। उन्होंने अंतरिक्ष में भारत के तिरंगे को लहराने और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उल्लेख करते हुए देश की सैन्य और वैज्ञानिक उपलब्धियों पर गर्व जताया। पीएम ने मानसून के अनुकूल प्रभावों को भी रेखांकित किया, जो कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी रहा।

















