राजकीय श्रावणी के पहली सोमवारी को उपायुक्त ने किया रुटलाइन का निरीक्षण, अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश
देवघर : राजकीय श्रावणी मेला 2025 की पहली सोमवारी के अवसर पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने मेला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रूटलाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नेहरू पार्क स्थित एकीकृत मेला नियंत्रण कक्ष (आईएमसीआर) का दौरा कर मेला तैयारियों की वस्तुस्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मेला क्षेत्र में तैनात दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को चौबीसों घंटे सक्रिय रहने और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उपायुक्त श्री लकड़ा ने रूटलाइन और बाबा बैद्यनाथ मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए कार्यों की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को सक्रिय रहने और कतारबद्ध श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों से विनम्रता और भक्ति भाव के साथ श्रद्धालुओं की सेवा करने का आह्वान किया, ताकि बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर से श्रद्धालु सुखद अनुभव लेकर लौटें।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बरमसिया से सरकार भवन, बीएड कॉलेज, तिवारी चौक, शिवराम झा चौक, बीएन झा पथ मोड़, शिवगंगा घाट और नेहरू पार्क तक विभिन्न स्थानों पर बेरिकेडिंग, विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
उपायुक्त ने विशेष रूप से जोर दिया कि मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं का प्रबंधन गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने कांवरिया पथ और मेला क्षेत्र में सीसीटीवी, ड्रोन और एआई-आधारित निगरानी प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया, ताकि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
श्रावणी मेला, जो 11 जुलाई से शुरू हो चुका है, 4 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान लाखों शिवभक्त बिहार के सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम जलार्पण के लिए पहुंचेंगे। जिला प्रशासन ने मेले को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं, जिसमें 148 सीसीटीवी कैमरों की तैनाती, ड्रोन निगरानी, और 62 स्थानों पर वाहन प्रवेश प्रतिबंध शामिल हैं।
उपायुक्त श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा, “हमारा उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल प्रदान करना है। सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं, ताकि मेला निर्बाध और भक्तिमय रहे।”

















