20251201 090436

संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू: SIR मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरेगा, हंगामे के पूरे आसार

नई दिल्ली : संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो 19 दिसंबर तक चलेगा। 19 दिनों के इस छोटे सत्र में कुल 15 बैठकें निर्धारित हैं। जहां सरकार 13-14 महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर सरकार पर हमलावर होने को तैयार है। सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने SIR पर चर्चा की मांग पर अडिग रहने का ऐलान किया है, जिससे सत्र की शुरुआत ही हंगामेदार होने के संकेत मिल रहे हैं।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

SIR अभियान: विपक्ष का मुख्य हथियार

विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), समाजवादी पार्टी (सपा), द्रविड़ मुनेत्र कढ़गम (डीएमके) और अन्य ने SIR को चुनावी हेरफेर का हथियार करार दिया है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग के इस विशेष अभियान से मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी हो रही है, जिससे लाखों वोटरों को हटाया जा रहा है। बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) पर दबाव के कारण कई BLO की मौतें भी हो चुकी हैं, जो विपक्ष के मुताबिक सरकार की जिम्मेदारी है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पार्टी की संसदीय रणनीति बैठक में सांसदों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों के स्थानीय मुद्दों के साथ SIR को जोड़कर सरकार से सवाल करें। सपा नेता राम गोपाल यादव ने कहा, “SIR के जरिए वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ हो रही है, यह लोकतंत्र पर हमला है।” इसी तरह, टीएमसी और डीएमके ने पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु में आगामी चुनावों से पहले SIR को ‘वोट चोरी का षड्यंत्र’ बताया है।

अन्य मुद्दे जो गरमाएंगे सियासी माहौल

SIR के अलावा विपक्ष दिल्ली में हाल के बम धमाके की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय सुरक्षा, मणिपुर हिंसा, महंगाई, बेरोजगारी और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की योजना बना रहा है। सर्वदलीय बैठक में इन सभी मुद्दों पर जोरदार बहस हुई, जहां विपक्ष ने ‘चुनावी सुधारों’ पर व्यापक चर्चा की मांग की।

सरकार की रणनीति: विधेयक और सुधार एजेंडा

दूसरी ओर, मोदी सरकार सुधारों पर फोकस कर रही है। सत्र में ‘परमाणु ऊर्जा विधेयक 2025’ पेश किया जाएगा, जो असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलेगा। इसके अलावा, दिवाला संहिता में संशोधन, बीमा कानून, गुटखा पर सेस और उच्च शिक्षा आयोग विधेयक जैसे 10-14 बिलों को मंजूरी दिलाने का लक्ष्य है।

सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “संसद सबकी है, हम विपक्ष की बात सुनने को तैयार हैं। ठंडे दिमाग से काम करें, ताकि सत्र सुचारू चले।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली बैठक में सरकार ने गतिरोध टालने के लिए विपक्ष से सहयोग की अपील की। हालांकि, विपक्ष ने साफ कर दिया कि SIR पर चर्चा न होने पर सदन की कार्यवाही बाधित की जाएगी।

यह शीतकालीन सत्र संसद के इतिहास का सबसे छोटा सत्र माना जा रहा है, लेकिन विपक्ष की एकजुटता से यह ‘संग्राम का मैदान’ बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि SIR जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई निर्देश आने तक बहस जारी रहेगी। सत्र के पहले दिन ही लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा होने की पूरी संभावना है।

Share via
Share via