पटना शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड: कौन है हॉस्टल का मालिक मनीष रंजन ? कैसे 15 हजार से 1500 करोड़ का मालिक बना ?
पटना शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड: कौन है हॉस्टल का मालिक मनीष रंजन ? कैसे 15 हजार से 1500 करोड़ का मालिक बना ?
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Desk : पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक 17-18 वर्षीय NEET की छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे बिहार में हंगामा मचा दिया है। पुलिस ने शुरुआत में सुसाइड या नींद की गोलियां खाने का दावा किया था, लेकिन 14-15 जनवरी को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में “sexual violence/sexual assault की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता यह आया। रिपोर्ट में चोट के निशान, जहर की संभावना और यौन शोषण के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट आने के बाद हॉस्टल मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार किया गया ।
आइये जानते है कौन हैं?
मनीष कुमार रंजन (उदल प्रसाद का बेटा), जहानाबाद जिले के मखदुमपुर थाना क्षेत्र के खरका/जगपुरा गांव का निवासी।
पटना के मुन्ना चौक (सहजनंद गली) में रहता है।
पहले गांव में धोखाधड़ी और बदनामी के आरोपों के कारण भागकर पटना आया।
अस्पताल में 2 साल काम किया, जहां से बिजनेस सीखा।
कोविड काल में ऑक्सीजन सिलेंडर सप्लाई का धंधा शुरू किया, बड़े लोगों तक पहुंचाकर तेजी से कमाई की।
दो साल में करोड़पति बना, बाद में बड़ी ऑक्सीजन कंपनी की एजेंसी ली।
पिछले 5 सालों में पटना में 15 से ज्यादा गर्ल्स हॉस्टल खोले, कुल संपत्ति करीब 15 करोड़ बताई जाती है।
पुराने केस: मखदुमपुर थाने में धोखाधड़ी, लूट और ठगी के मामले दर्ज, लेकिन जमानत पर छूट गया।
उसके 15 हजार रुपये से शुरू करके करोड़ों का मालिक बनने की कहानी अब सवालों के घेरे में है।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम जिसकी अगुवाई पटना IGP जितेंद्र राणा कर रहे हैं। टीम हॉस्टल, अस्पतालों (प्रभात मेमोरियल, सहज) का दौरा कर जांच कर रही है।
राजनीतिक बयानबाजी और CBI जांच की मांग
पप्पू यादव (निर्दलीय सांसद) ने आरोप लगाया कि मनीष रंजन सेक्स रैकेट चलाता है, जिसमें पॉश लोगों, नेताओं और अधिकारियों तक लड़कियां पहुंचाई जाती हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की।
प्रशांत किशोर (जन सुराज) ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और पुलिस पर परिवार पर केस वापस लेने का दबाव डालने का आरोप लगाया।
तेजस्वी यादव (RJD) ने सरकार पर महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता और अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
कई नेता और संगठन न्याय की मांग में सड़कों पर उतरे, हॉस्टल बंद कर छात्राएं घर लौट गईं।
यह मामला अब सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि पटना में लड़कियों की सुरक्षा, हॉस्टल व्यवस्था और बड़े नेक्सस पर सवाल उठा रहा है। जांच जारी है, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद सच्चाई सामने आने की उम्मीद बढ़ गई है।

















