पीएम मोदी गोवा में भगवान राम की 77 फीट ऊंची प्रतिमा का करेंगे अनावरण: दुनिया की है सबसे ऊंची राम मूर्ति

पीएम मोदी गोवा में भगवान राम की 77 फीट ऊंची प्रतिमा का करेंगे अनावरण: दुनिया की है सबसे ऊंची राम मूर्ति

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गोवा के दक्षिणी जिले में स्थित श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ में भगवान राम की विश्व की सबसे ऊँची 77 फीट ऊँची कांस्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे। यह आयोजन मठ की 550वीं वर्षगांठ ‘सार्ध पंचशतामनोत्सव’ के उपलक्ष्य में हो रहा है, जो सनातन धर्म की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊँचाई प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी दोपहर 3:45 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुँचेंगे, जहाँ उनके स्वागत के लिए विशेष हेलिपैड तैयार किया गया है। अनावरण से पहले वे मठ के मंदिर में दर्शन भी करेंगे और एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे। यह प्रतिमा अयोध्या के राम मंदिर में हाल ही में फहराई गई ‘धर्म ध्वजा’ के बाद एक और महत्वपूर्ण धार्मिक-आध्यात्मिक घटना के रूप में देखी जा रही है।

मूर्ति का निर्माण और विशेषताएँ

यह भव्य प्रतिमा प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार के मार्गदर्शन में नोएडा में तैयार की गई है, जिन्होंने गुजरात के ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ (सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 फीट ऊँची मूर्ति) का डिजाइन भी किया था। कांस्य धातु से बनी यह 77 फीट ऊँची मूर्ति में भगवान राम को राजसी वेश में धनुष-बाण लिए हुए दर्शाया गया है, जो अयोध्या के राम लला की झलक प्रदान करती है। मूर्ति के साथ एक रामायण थीम पार्क और राम संग्रहालय भी विकसित किया जा रहा है, जो पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।

गोवा लोक निर्माण विभाग के मंत्री दिगंबर कामत ने बताया कि यह दुनिया में भगवान राम की सबसे ऊँची प्रतिमा होगी, जो ईसाई बहुल राज्य में हिंदू धरोहर को मजबूत बनाएगी। राम सुतार ने 65 वर्षों से अधिक समय से मूर्तिकला में समर्पण दिखाया है और उनकी कृतियाँ बेंगलुरु की 153 फीट शिव प्रतिमा से लेकर पुणे की संभाजी महाराज की 100 फीट मूर्ति तक फैली हुई हैं।

मठ का ऐतिहासिक महत्व

श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ की स्थापना 1474 ईस्वी में (कुछ स्रोतों के अनुसार 1656 में) श्री राम चंद्र तीर्थ ने की थी। यह सारस्वत ब्राह्मण समुदाय का प्रमुख केंद्र है, जहाँ भगवान राम, लक्ष्मण और सीता की पूजा होती है। मठ की 33 शाखाएँ देशभर में फैली हैं और यह आध्यात्मिक शिक्षा का प्रमुख स्थल रहा है। 550 वर्ष पूरे होने पर चल रहे उत्सव में रोजाना 7,000 से 10,000 श्रद्धालु पहुँच रहे हैं, जो 7 दिसंबर तक जारी रहेगा।

यह अनावरण गोवा को धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अयोध्या राम मंदिर के बाद यह राम भक्ति की लहर को और मजबूत करेगी।

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