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झारखंड में SIR की तैयारी अंतिम चरण में, राज्य में जल्द शुरू होगा SIR

रांची/देवघर : मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने झारखंड के दो दिवसीय प्रवास के दौरान राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की तैयारियों की जोरदार तारीफ की। उन्होंने कहा कि झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार, जिला कलेक्टरों और सभी अधिकारियों ने मतदाता सूची शुद्धिकरण के कार्य में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के साथ संवाद और उनकी तैयारियों को देखकर उन्हें काफी खुशी हुई।

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CEC ने देवघर में बूथ लेवल अधिकारियों से मुलाकात की और राज्य के विभिन्न जिलों के उपायुक्तों (डिप्टी कमीश्नर्स) के साथ बैठकें कीं। उन्होंने कहा, “झारखंड में SIR की तैयारियां काफी अच्छी हैं। मुझे उम्मीद है कि जब मतदाता सूची शुद्धिकरण का कार्य घोषित होगा, तो यह पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा होगा।”

शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र का आधार

CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत है और शुद्ध मतदाता सूची पारदर्शी लोकतंत्र की नींव है। संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत निर्धारित पात्रताओं के अनुसार ही मतदाताओं के नाम सूची में होने चाहिए। दिवंगत व्यक्तियों, स्थायी रूप से प्रवासित हो चुके लोगों, एक से अधिक जगह पर दर्ज नामों या किसी गैर-नागरिक के नाम का शामिल होना असंवैधानिक है।

उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां SIR की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से हुई, जहां साढ़े सात करोड़ मतदाताओं के बावजूद अपीलों की संख्या शून्य रही। बिहार से शुरू हुआ SIR अब 12 राज्यों में चल रहा है, जहां ड्राफ्ट सूची प्रकाशित हो चुकी है (उत्तर प्रदेश की 6 जनवरी को आने वाली है)। इसके बाद क्लेम्स एंड ऑब्जेक्शंस की प्रक्रिया चलती है, जिसमें राजनीतिक दलों को भी सूची साझा की जाती है और त्रुटियां सुधारने का एक महीने का समय मिलता है। अंत में फाइनल सूची प्रकाशित होती है और अपील की अंतिम अवधि के बाद इसे शुद्ध माना जाता है।

झारखंड में SIR की तैयारी अंतिम चरण में

वर्तमान में 12 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में SIR चल रहा है, जो लगभग 51 करोड़ मतदाताओं को कवर करता है। शेष 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों (लगभग 40 करोड़ मतदाता) में SIR की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जिसमें झारखंड भी शामिल है। राज्य में पैरेंटल मैपिंग (2003 की सूची से तुलना) का कार्य तेजी से पूरा हो रहा है।

CEC ने BLOs को अच्छी ट्रेनिंग देने और घर-घर जाकर सत्यापन पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के साथ मिलकर यह कार्य पारदर्शी तरीके से किया जाए, ताकि कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं और अपात्र नाम हट जाएं।

अपने संबोधन के अंत में CEC ने कहा, “वैसे तो हम लोग मिलते रहते हैं, लेकिन इन सारी बातों के साथ एक बार फिर जोहार! जय भारत!”

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