उपायुक्त के जनता दरबार में मिला त्वरित समाधान, निराश्रित महिला को ऑन द स्पॉट पेंशन, भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई
रांची : उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा आयोजित जनता दरबार एक बार फिर आमजन के लिए त्वरित न्याय और संवेदनशील प्रशासन का मजबूत मंच साबित हुआ। देर शाम तक चले इस दरबार में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों की फरियादें सुनी गईं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान किया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!तीन वर्षों से अपनी जमीन पर दखल-दिहानी के लिए परेशान अनिल उरांव और नीलम उरांव दंपत्ति को наконец राहत मिली। हेहल अंचल के हेसल मौजा में उनकी जमीन पर दखल-दिहानी के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन हुआ। शाम करीब 7:30 बजे उपायुक्त से मुलाकात के बाद दंपत्ति ने खुशी-खुशी धन्यवाद दिया।
जिले के दूरस्थ लापुंग प्रखंड से आई 50 वर्षीय निराश्रित दौलेत कुमारी के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। अकेली रहने वाली दौलेत कुमारी के पास हरा राशन कार्ड होने के बावजूद कोई पेंशन नहीं मिल रही थी। उपायुक्त ने सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे कुछ ही समय में पेंशन स्वीकृति प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया। साथ ही, अंत्योदय योजना के तहत पीला राशन कार्ड के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी से मिलने का निर्देश दिया गया।
भू-माफियाओं के खिलाफ उपायुक्त का रुख बेहद सख्त रहा। ईटकी अंचल के कल्याण लकड़ा एवं सुनील लकड़ा ने भूदान जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की। दस्तावेजों की जांच के बाद अंचल अधिकारी को कड़े निर्देश दिए गए कि किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा, “जमीन से संबंधित वैध कागजात हैं तो जनता दरबार में आकर दिखाएं।”
दाखिल-खारिज में देरी पर सिल्ली अंचल अधिकारी को फटकार लगाई गई और शीघ्र निष्पादन के आदेश दिए गए। रातू रोड, पिस्का मोड़ नीलांचल कोठी रोड में अतिक्रमण नहीं हटाने पर हेहल सीओ को शोकॉज नोटिस और “प्रपत्र-क” गठित करने के निर्देश जारी किए गए।
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दाखिल-खारिज, दोहरी जमाबंदी सुधार और अन्य राजस्व मामलों में केवल कर्मचारियों की रिपोर्ट पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं फील्ड विजिट कर त्वरित और नियमसंगत निष्पादन सुनिश्चित करें।
जनता दरबार में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, जाति-आय-आवासीय प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी शिकायतें भी आईं। सभी पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा, “जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान करना है, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।”

















