गांधी मैदान में रावण दहन पर बारिश ने डाला खलल, रावण का सिर जलने से पहले ही टूटकर लटक गया

पटना : विजया दशमी के अवसर पर पटना के गांधी मैदान में आयोजित होने वाले भव्य रावण दहन कार्यक्रम पर भारी बारिश ने पानी फेर दिया। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतले, जो आतिशबाजी से लैस थे, बारिश में पूरी तरह भींग गए। बारिश इतनी तीव्र थी कि रावण का सिर जलने से पहले ही टूटकर लटक गया, जिससे आयोजकों और दर्शकों में निराशा छा गई।

गांधी मैदान में हर साल दशहरा के मौके पर रावण दहन का भव्य आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं। इस बार भी कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई वीआईपी मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद थी। हालांकि, अचानक आए काले बादलों और मूसलाधार बारिश ने सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया। बारिश से बचने के लिए लोग इधर-उधर भागते नजर आए, जिससे मैदान में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

आयोजकों ने बताया कि बारिश के कारण पुतले पूरी तरह गल गए हैं, जिससे रावण दहन का कार्यक्रम अब विलंब से शुरू होगा। बारिश थमने के बाद नए सिरे से पुतलों को जलाने की तैयारी की जाएगी। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों को बारिश के कारण खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी, दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। कई लोग बारिश के बावजूद मैदान में डटे हुए हैं और रावण दहन देखने का इंतजार कर रहे हैं।

आयोजकों का कहना है कि मौसम साफ होने के बाद कार्यक्रम को जल्द से जल्द शुरू करने की कोशिश की जाएगी। इस बीच, प्रशासन भी भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क है। दशहरा के इस महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर लोगों में उत्साह बरकरार है, और सभी को उम्मीद है कि बारिश के बाद भी रावण दहन का भव्य दृश्य देखने को मिलेगा।



















