आरएसएस का शताब्दी समारोह आज से शुरू: दिल्ली में 3 दिन तक महामंथन, मोहन भागवत करेंगे संवाद
नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आज से दिल्ली के विज्ञान भवन में तीन दिवसीय व्याख्यानमाला का आयोजन कर रहा है। 26 से 28 अगस्त तक चलने वाले इस कार्यक्रम का शीर्षक है “100 वर्ष की संघ यात्रा: नए क्षितिज”। इस ऐतिहासिक आयोजन में आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रख्यात व्यक्तियों के साथ संवाद करेंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा स्थापित आरएसएस इस साल विजयादशमी (2 अक्टूबर 2025) को अपने 100 वर्ष पूरे करेगा। इस अवसर पर आयोजित यह व्याख्यानमाला संघ के सदीभर के सफर, इसके सामाजिक योगदान और भविष्य की दृष्टि को प्रस्तुत करने का एक मंच होगा। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य संघ के विचारों और अनुभवों को समाज के व्यापक वर्गों तक पहुंचाना है। यह आयोजन केवल व्याख्यान तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसमें विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 2,000 प्रतिनिधियों के साथ संवाद और प्रश्नोत्तर सत्र भी शामिल होंगे।
इस तीन दिवसीय समारोह में 17 क्षेत्रों और 138 उप-क्षेत्रों से जुड़े प्रख्यात लोग हिस्सा लेंगे। इनमें राजनयिक, अभिनेता, पत्रकार, धार्मिक नेता, उद्योगपति, स्टार्टअप संस्थापक, रक्षा विशेषज्ञ और अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधि शामिल हैं। विशेष रूप से, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, श्रीलंका, नेपाल, सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के 50 से अधिक दूतावासों के राजनयिकों को आमंत्रित किया गया है। हालांकि, भू-राजनीतिक कारणों से पाकिस्तान, बांग्लादेश और तुर्की के दूतावासों को निमंत्रण नहीं भेजा गया है।
आरएसएस ने इस आयोजन में राजनीतिक समावेशिता का संदेश देने के लिए विभिन्न दलों के नेताओं को आमंत्रित किया है। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के नेताओं को भी निमंत्रण भेजा गया है, जबकि भाजपा और एनडीए के नेताओं में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, ज्योतिरादित्य सिंधिया, राम मोहन नायडू, अनुप्रिया पटेल और जदयू के के.सी. त्यागी व संजय झा जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा, पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, ओलंपियन अभिनव बिंद्रा और क्रिकेट विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव जैसे प्रख्यात हस्तियां भी इस आयोजन का हिस्सा होंगी।
यह आयोजन दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। दिल्ली के बाद, बेंगलुरु (नवंबर 2025), कोलकाता (दिसंबर 2025) और मुंबई (फरवरी 2026) में भी इसी तरह के संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही, आरएसएस ने अपने शताब्दी वर्ष में देशभर में 1,500 से 1,600 हिंदू सम्मेलनों का आयोजन करने और अपनी शाखाओं की संख्या को एक लाख तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। ग्राम सम्पर्क, प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठी और युवा संवाद जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से संघ अपने विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की योजना बना रहा है।

















