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सिमडेगा के बुड्ढा पहाड़ में तेंदुए का आतंक: चार बकरियां और एक बछिया मारी गईं, ग्रामीणों में दहशत

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा : झारखंड के सिमडेगा जिले के बोलबा क्षेत्र में जंगली हाथियों के प्रकोप से अभी राहत नहीं मिली थी कि अब तेंदुए के हमलों ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। आलिंगुड पंडरीपानी अंतर्गत बुड्ढा पहाड़ के निकट जंगल में एक जंगली तेंदुए ने चार बकरियों और एक छोटी बछिया को अपना शिकार बना लिया है। इस घटना से स्थानीय पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जबकि जंगल से सटे गांवों में लोग अपनी और अपने पशुओं की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संजय टेटे की तीन बकरियां (जिनमें एक बकरा भी शामिल था), तिन्तूस टेटे की एक बकरी और लेब्रातुष कुल्लू की एक बछिया तेंदुए का शिकार बनीं। घटना की शुरुआत 16 जनवरी की शाम से हुई, जब संजय टेटे ने अपनी बकरियों को घर के सामने जंगल में छोड़ दिया था। शाम करीब चार बजे बकरियां घर नहीं लौटीं तो खोजबीन शुरू की गई। कुछ बकरियां मिल गईं, लेकिन तीन लापता रहीं।

अगले दिन शाम को ग्रामीणों को सूचना मिली कि बुड्ढा पहाड़ की चट्टानों के बीच कुछ बकरियां मृत पड़ी हैं। मौके पर पहुंचकर देखा गया कि सभी बकरियों के गले पर नुकीले दांतों के गहरे निशान थे, जो तेंदुए के हमले की स्पष्ट पुष्टि करते हैं। एक बकरी को तेंदुए ने पेड़ पर चढ़ाकर खाने के भी निशान मिले। इसी क्षेत्र में कुछ दिन पहले लेब्रातुष कुल्लू की बछिया भी गायब हो गई थी, जिसका आंशिक शव जंगल में बरामद हुआ।

इन लगातार घटनाओं से बुड्ढा पहाड़ के आसपास बसे गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग ने समय रहते तेंदुए को पकड़ने या स्थानांतरित करने का कदम नहीं उठाया तो यह पालतू पशुओं के अलावा इंसानों पर भी हमला कर सकता है। स्थानीय लोग रात में बाहर निकलने और पशुओं को जंगल के पास छोड़ने से बच रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

इस मामले में वन क्षेत्र पदाधिकारी शंभू शरण चौधरी ने बताया कि जंगली जानवरों द्वारा पालतू पशुओं को नुकसान पहुंचने पर विभाग नियमानुसार कार्रवाई करता है। पीड़ित पशुपालकों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। विभाग द्वारा घटना की जांच की जा रही है और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जैसे ट्रैपिंग या रेस्क्यू ऑपरेशन।

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