झारखंड दावोस में : राज्य में ग्रीन स्टील क्रांति की नई शुरुआत: टाटा स्टील का 11,000 करोड़ का ऐतिहासिक निवेश
झारखंड दावोस में : राज्य में ग्रीन स्टील क्रांति की नई शुरुआत: टाटा स्टील का 11,000 करोड़ का ऐतिहासिक निवेश
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डेस्क, विश्व आर्थिक मंच (WEF 2026): मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दूरदर्शी नेतृत्व में झारखंड ने वैश्विक मंच पर एक बड़ा कदम उठाया है। झारखंड सरकार और टाटा स्टील लिमिटेड के बीच आज एक महत्वपूर्ण लेटर ऑफ इंटेंट (Letter of Intent) और सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत टाटा स्टील राज्य में न्यू एज ग्रीन स्टील तकनीक पर 11,000 करोड़ से अधिक का निवेश करेगा।
यह समझौता झारखंड को हरित विनिर्माण और स्थायी विकास के क्षेत्र में वैश्विक नेता बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
निवेश का ब्रेकडाउन और प्रमुख तकनीकें
यह निवेश मुख्य रूप से अगली पीढ़ी की पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों पर केंद्रित है: 7,000 करोड़: HISARNA और HIsarna-based Easy Melt) जैसी क्रांतिकारी आयरनमेकिंग तकनीकों पर।
HISARNA: नीदरलैंड में सफल पायलट परीक्षण वाली यह तकनीक निम्न-ग्रेड आयरन ओर और स्वदेशी कोयले का उपयोग करती है, कोकिंग और सिन्टरिंग की जरूरत खत्म करती है। इससे CO₂ उत्सर्जन में 80% तक कमी (कार्बन कैप्चर के साथ) संभव है।
जमशेदपुर में 2030 तक 1 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाला कमर्शियल प्लांट स्थापित करने की योजना।
EASyMelt: सिनगैस इंजेक्शन से कोक की खपत कम कर CO₂ उत्सर्जन में 50% तक कमी। जर्मनी-नीदरलैंड की अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित।1,500 करोड़: अत्याधुनिक कॉम्बी मिल (Combi Mill) प्रोजेक्ट के लिए।
2,600 करोड़: टिनप्लेट विस्तार परियोजना के लिए।
ये सभी परियोजनाएं नीदरलैंड और जर्मनी की उन्नत तकनीकों पर आधारित हैं, जो आयात निर्भरता कम करेंगी, उत्पादन लागत घटाएंगी और कार्बन-न्यूट्रल लक्ष्यों को मजबूती देंगी।
रोजगार, पर्यावरण और आर्थिक लाभ
रोजगार सृजन: प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों उच्च-कुशल नौकरियां, खासकर युवाओं के लिए।
पर्यावरण संरक्षण: “प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास” की झारखंड सरकार की नीति को मजबूती। ग्रीन स्टील से राज्य का कार्बन फुटप्रिंट काफी कम होगा।
आर्थिक मजबूती: खनिज-समृद्ध झारखंड को वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना, वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाना।
अतिरिक्त सहयोग: अलग MoU से टाटा के खनन एवं विनिर्माण साइट्स पर औद्योगिक पर्यटन को बढ़ावा। आईटीआई संस्थाओं को टाटा द्वारा गोद लेने का प्रस्ताव, जिससे स्किल डेवलपमेंट और रोजगार-उन्मुख ट्रेनिंग मिलेगी।
जाहिर है की राज्य की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह समझौता झारखंड के परिवर्तन का प्रतीक है मुख्यमंत्री ने टाटा डोम में रात्रिभोज का निमंत्रण स्वीकार किया।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि यह निवेश झारखंड को शिक्षा, विनिर्माण और खनन जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ाएगा। WEF ने मुख्यमंत्री को व्हाइट बैज से सम्मानित किया, जो उनकी वैश्विक भागीदारी का प्रमाण है। यह कदम न केवल राज्य बल्कि पूरे भारत के स्टील सेक्टर को डी-कार्बोनाइजेशन की दिशा में नई दिशा देगा।

















