सिमडेगा महाविद्यालय में एनसीसी कैडेट्स ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं की शक्ति और योगदान को किया सेलिब्रेट
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : सिमडेगा महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एनसीसी (NCC) कैडेट्स ने उत्साहपूर्ण तरीके से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। इस खास मौके पर कैडेट्स ने पेंटिंग्स के माध्यम से नारी सशक्तिकरण, आधुनिक समाज में महिलाओं की क्षमता और उनके संघर्षों को खूबसूरती से दर्शाया। साथ ही, प्रभावशाली भाषणों के जरिए उन्होंने समाज को महिलाओं के सम्मान, उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और योगदान के प्रति जागरूक किया।
यह दिन हमें महिलाओं के अद्भुत योगदान और उनके अथक संघर्षों की याद दिलाता है। जैसा कि कहा जाता है – “नारी कभी कमजोर नहीं होती, बस उसका संघर्ष अलग होता है।” महिला दिवस सिर्फ महिलाओं का जश्न नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज को यह संदेश देता है कि महिलाओं के बिना कोई समाज पूर्ण नहीं होता।
मौके पर उपस्थित सीनियर कैडेट संतोषी कुमारी ने महिलाओं की समाज में भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, “महिलाएं समाज की रीढ़ हैं। रानी लक्ष्मीबाई का साहस, सरोजिनी नायडू की ताकतवर वाणी, कल्पना चावला का अंतरिक्ष में उड़ान भरना या किरण बेदी का मजबूत नेतृत्व – ये सभी उदाहरण साबित करते हैं कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। शिक्षा, विज्ञान, खेल, राजनीति, रक्षा और व्यापार… हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी मेहनत और काबिलियत से नाम कमा रही हैं। आइए हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान प्रदान करेंगे, क्योंकि नारी शक्ति अजेय है।”
एनसीसी कैडेट्स के इन प्रयासों ने न केवल कॉलेज परिसर में उत्साह भरा, बल्कि समाज में नारी सम्मान की भावना को और मजबूत किया। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को प्रेरित करते हैं कि वे महिलाओं के सशक्तिकरण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

















