मूक-बधिर नाबालिग से दुष्कर्म कर गर्भवती करने वाले दरिंदे को 20 साल की कठोर सजा, पीड़िता को मुआवजा और बच्चे के भविष्य के लिए FD में राशि सुरक्षित करने का आदेश
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : प्रधान जिला न्यायाधीश-सह-पोक्सो अदालत ने एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को 20 वर्षों के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने मूक-बधिर नाबालिग पीड़िता के साथ यौन शोषण किया, जिसके परिणामस्वरूप पीड़िता गर्भवती हो गई। अदालत ने POCSO एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत दोषी करार देते हुए कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
अदालत ने जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने का निर्देश दिया। साथ ही पीड़िता के पुनर्वास और बच्चे के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए:
– जिला विधिक सेवा प्राधिकार को आदेश दिया गया कि पीड़ित मुआवजा योजना के तहत निर्धारित राशि जल्द उपलब्ध कराई जाए।
– कुल मुआवजा राशि का दो तिहाई हिस्सा बच्चे के नाम से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में रखा जाएगा, जो बच्चा बालिग होने तक सुरक्षित रहेगा।
– एक तिहाई राशि पीड़िता की मां को दी जाएगी, ताकि पीड़िता की देखभाल और दैनिक जीवनयापन में सहायता मिल सके।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यह निर्णय समाज में बढ़ते लैंगिक अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश है। खासकर नाबालिगों और दिव्यांगजनों के साथ होने वाले अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों को कठोरतम दंड सुनिश्चित किया जाएगा।

















