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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज समन अवहेलना मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने बुधवार को इस मामले में चल रही आपराधिक कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी।

सुप्रीम कोर्ट से हेमंत सोरेन को बड़ी राहत: ED समन अवहेलना केस में ट्रायल पर रोक, ED को जारी नोटिस

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डेस्क : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ED (प्रवर्तन निदेशालय) के समन अवहेलना मामले में सुप्रीम कोर्ट से महत्वपूर्ण अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने रांची की MP-MLA विशेष अदालत में ED की शिकायत पर चल रही कार्यवाही पर तत्काल रोक लगा दी है। साथ ही ED को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

मामला झारखंड के कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग जांच से संबंधित है, जिसमें ED ने हेमंत सोरेन को कई बार समन जारी किए थे। सोरेन के बार-बार पेश न होने पर ED ने फरवरी 2025 में रांची के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) कोर्ट में शिकायत दर्ज की थी। CJM ने संज्ञान लिया और मामला MP-MLA विशेष अदालत में स्थानांतरित हो गया।झारखंड हाईकोर्ट ने सोरेन की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने संज्ञान आदेश को चुनौती दी थी।

हाईकोर्ट ने ट्रायल जारी रखने की अनुमति दी, हालांकि व्यक्तिगत पेशी से छूट दी गई थी। इसके खिलाफ सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की।सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ  ने बुधवार को सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रज्ञा सिंह बघेल ने पक्ष रखा।

अदालत ने आदेश दिए:

रांची MP-MLA विशेष अदालत में चल रही आपराधिक कार्यवाही/ट्रायल पर फिलहाल रोक (stay) लगा दी गई।
ED को नोटिस जारी किया गया; ED को 4 हफ्तों के अंदर जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करना होगा।
सोरेन की ओर से उसके बाद 2 हफ्तों में जवाबी हलफनामा दाखिल किया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान बेंच ने ED की कई शिकायतों पर टिप्पणी की और कहा कि समन का उद्देश्य काफी हद तक पूरा हो चुका लगता है, इसलिए अब रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

यह राहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए तत्काल महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे निचली अदालत में आगे की कोई कार्रवाई (जैसे गवाही, ट्रायल) तब तक नहीं होगी जब तक सुप्रीम कोर्ट आगे का फैसला नहीं सुनाता।मामला ED की मूल जांच से जुड़ा है, जिसमें सोरेन पर 8 बार समन की अवहेलना का आरोप था। ED ने दावा किया था कि सोरेन केवल दो बार पेश हुए थे।अगली सुनवाई ED के जवाब के बाद होगी।

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