समन अवहेलना मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हाइकोर्ट में याचिका खारिज ।
समन अवहेलना मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हाइकोर्ट में याचिका खारिज ।
झारखंड हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उस महत्वपूर्ण याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट द्वारा ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के समन अवहेलना मामले में लिए गए संज्ञान को चुनौती दी गई थी।
कोर्ट का फैसलाकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस चरण (स्टेज) पर वह मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। इसलिए याचिका को खारिज किया जा रहा है। यह फैसला 15 जनवरी को आया है,
मामले की पूरी पृष्ठभूमि
ईडी ने कथित भूमि घोटाला (land scam) और इससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान हेमंत सोरेन को कुल 10 समन जारी किए थे।
सोरेन केवल दो समन पर पेश हुए थे, जबकि बाकी की अवहेलना का आरोप लगा।
ईडी ने 2024 में एमपी-एमएलए कोर्ट में शिकायत दर्ज की, जिसमें PMLA की धारा 63 और IPC की धारा 174 के तहत कार्रवाई की मांग की गई।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस शिकायत पर संज्ञान लिया और मामले की सुनवाई शुरू की।
सोरेन ने इस संज्ञान को झारखंड हाई कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन कोर्ट ने अब याचिका खारिज कर दी।
ईडी की ओर से पक्ष रखने वाले वकीलईडी की तरफ से अधिवक्ता जोहेब हुसैन, एके दास और सौरभ कुमार ने मजबूती से दलीलें पेश कीं।
आगे क्या?
अब एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में इस समन अवहेलना मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। यह मामला मुख्य रूप से रांची के बड़गाईं क्षेत्र में करीब 8.5 एकड़ जमीन के अवैध कब्जे और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।इस फैसले से राजनीतिक हलचल बढ़ सकती है,

















