सरना कोड लागू करने की मांग को लेकर रेलगाड़ी रोका गया.
राँची : आज केंद्रीय सरना समिति अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद एवं आदिवासी सेंगेल अभियान के संयुक्त तत्वाधान में केंद्र सरकार से सरना कोड लागू करने की मांग को लेकर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सिल्ली प्रखंड अंतर्गत किता रेलवे स्टेशन में रेलगाड़ी को रोका गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मौके पर केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष श्री फूलचंद तिर्की ने कहा कि 2021 की जनगणना नजदीक है मार्च अप्रैल माह में जनगणना होने वाली है आदिवासी पूरे देश में अपने हक अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं अनुच्छेद 25 के तहत सभी को अपने धर्म मानने का अधिकार है परंतु केंद्र सरकार आदिवासियों को उनका संवैधानिक मांग सरना कोड देना नहीं चाह रही है जिसके चलते पूरे आदिवासी समाज पूरे देश में आंदोलन कर रही है कभी मानव श्रृंखला तो कभी चक्का जाम तो कभी रेलरोड चक्का जाम ,केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आदिवासी विरोधी काम कर रही है यदि 2021 को केंद्र सरकार सरना कोड लागू नहीं करती है तो केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार को आदिवासी उखाड़ फेंकने का काम करेगी।
अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष सत्यनारायण लकड़ा ने कहा कि यदि भाजपा शासित केंद्र सरकार सरना कोड लागू नहीं करती है तो किसान आंदोलन से भी बड़ा आंदोलन करने के लिए आदिवासी समाज बाध्य हो जाएंगे मौके पर केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक ललित कच्छप केंद्रीय सरना समिति के उपाध्यक्ष प्रशांत टोप्पो प्रोमोद एक्का महिला शाखा अध्यक्ष नीरा टोप्पो ज्योत्सना भगत विनय उरांव मादु उरांव सोनी हेमरोम सुखवारो उरांव सिल्ली सरना समिति के सचिव शंकर उरांव ग्राम प्रधान सोमरा उरांव शंकर लोहरा राम उरांव गंगा पहान मंगरू राम अनूप मुंडा मंगरू उरांव एवं अन्य शामिल थे

















