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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ऑक्सफोर्ड के सोमरविल कॉलेज का दौरा किया: जलवायु कार्रवाई और सतत विकास में सहयोग की नई संभावनाएं

लंदन : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने यूनाइटेड किंगडम के अपने शैक्षणिक दौरे के दौरान ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सोमरविल कॉलेज का दौरा किया। इस दौरान छात्रों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों के साथ गहन चर्चा हुई, जिसमें पर्यावरण नीति, जलवायु कार्रवाई, सतत विकास और न्यायसंगत परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में झारखंड सरकार और ऑक्सफोर्ड के रिसर्च कम्युनिटी के बीच सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया गया।

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सोमरविल कॉलेज की प्रिंसिपल कैथरीन रॉयल ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। कैथरीन रॉयल पूर्व ब्रिटिश राजनयिक और नाटो की वरिष्ठ अधिकारी रह चुकी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के आदिवासी कल्याण, सतत विकास, जलवायु कार्रवाई, उच्च शिक्षा तक समान पहुंच और न्यायसंगत परिवर्तन के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की।

इस अवसर पर ऑक्सफोर्ड इंडिया सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की रिसर्च डायरेक्टर प्रो. राधिका खोसला ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया। संवाद के दौरान पर्यावरण नीति, क्लाइमेट एक्शन और सतत विकास में गहन सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

1879 में स्थापित सोमरविल कॉलेज महिलाओं को शिक्षा प्रदान करने वाले ऑक्सफोर्ड के शुरुआती कॉलेजों में से एक है। इसके प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों में ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर, भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (मानद उपाधि प्राप्तकर्ता) और पहली भारतीय महिला बैरिस्टर कॉर्नेलिया सोराबजी शामिल हैं।

कॉलेज में स्थित ऑक्सफोर्ड इंडिया सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (2013 में भारत सरकार के सहयोग से स्थापित) सतत विकास, जलवायु कार्रवाई, सामाजिक न्याय और सुशासन पर कार्यरत है। वर्तमान में 40 से अधिक भारतीय विद्वान यहां अध्ययन और शोध कर रहे हैं।

स्वागत समारोह में ऑक्सफोर्ड के विभिन्न कॉलेजों से जुड़े छात्र, शोधार्थी, भारतीय विद्वान और शोधकर्ता उपस्थित रहे। झारखंड सरकार के अधिकारी रवि शंकर शुक्ला, जो वर्तमान में ऑक्सफोर्ड इंडिया सेंटर में स्कॉलर के रूप में शहरी जल नीति एवं प्रबंधन पर शोध कर रहे हैं, भी मौजूद थे।

अनौपचारिक संवाद में छात्रों और शोधकर्ताओं ने झारखंड सरकार के साथ अधिक सक्रिय सहभागिता की इच्छा जताई। उन्होंने मुख्यमंत्री को सरकारी कार्यक्रमों, सार्वजनिक नीतियों पर विशेष कार्यशाला आयोजित करने और झारखंड के शासन अनुभवों पर संबोधन देने का आमंत्रण दिया।

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