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DAV कपिलदेव के प्रिंसिपल एम.के.सिन्हा सस्पेंड यौन शोषण के आरोप के बाद कार्यवाही

 रांची के DAV स्कुल में नर्स के साथ प्रिंसिपल का यौन शोषण का मामला अब टूल पकड़ता जा रहा है। फ़िलहाल DAV कपिलदेव के प्रिंसिपल एम.के.सिन्हा को सस्पेंड कर दिया गया है. दरअसल स्कूल में कार्यरत नर्स ने गंभीर आरोप लगाए हैं.नर्स ने आरोपों के साथ साथ खुद से स्टिंग की हुई वीडियो और ऑडियो भी पुलिस को सौपा है जिसके बाद अरगोड़ा थाना में प्रिंसिपल के खिलाफ FIR दर्ज कराया गया है. आज हुंदु वाहीनी सेना ने DAV  कपिलदेव का घेराव किया और जल्द से जल्द प्रिंसिपल एम् के सिन्हा की गिरफ़्तारी की मांग की। आरोप है की  प्रिंसिपल पीड़िता को हमेशा गन्दे गन्दी मेसेज करता था. यौन शोषण के मामले में फंसे डीएवी कपिलदेव के प्रिंसिपल  को  मैनेजमेंट में निलंबित कर दिया है. डीएवी मैनेजमेंट कमेटी ने उपलब्ध ऑडियो वीडियो को साक्ष्य मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है. निलंबित प्रिंसिपल एमके सिन्हा पर लगे आरोप की जांच के लिए मैनेजमेंट ने एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है मालूम हो कि स्कूल में कार्यरत एक नर्स ने प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. नर्स ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.इसके आधार पर एफ आई आर दर्ज कर लिया गया है.अरगोड़ा पुलिस एमके सिन्हा को पकड़ने के लिए छापेमारी भी शुरू कर दी है.इधर शुक्रवार को स्कूल परिसर में बहुत सारे छात्र पहुंचे. उन्होंने प्रिंसिपल के खिलाफ नारेबाजी की इस मामले से डीएवी कपिलदेव में पढ़ने वाले छात्र काम करने वाले शिक्षक और बच्चों के अभिभावक सकते में हैं.

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महिला का आरोप है कि प्रिंसिपल उसे अश्लील वीडियो और व्हाट्सएप्प पर मेसेज  भेजता था.ब्लड प्रेशर जांच के बहाने चैम्बर में बुलाकर ग़लत हरकत करता था.6 पेज के मैसज में होटल में बुलाने और बात नहीं मानने पर अंजाम भुगतने की धमकी देने का ज़िक्र है. प्रिंसिपल नर्स को नौकरी से निकालने की भी धमकी देता था.प्रिंसिपल यह भी कहा करता था कि मैं वीडियो काल कर रहा हुं और तुम इग्नोर कर रही हो.पीड़िता ने FIR में व्हाटसप चैट का भी ज़िक्र किया हैं.सूत्रों का कहना है कि प्रिंसिपल मनोज पर पहले भी कई इल्ज़ाम लगाए गये लेकिन मामला कभी थाना तक नहीं आया.इस बार उसका असली चेहरा सामने आ गया.नाम नहीं छापने की शर्त पर एक महिला टीचर ने बताया कि प्रिंसिपल का चाल चलन बिल्कुल ठीक नहीं हैं.प्रिंसिपल अपने ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले कर्मियों की तनखवाह तक काट लेते थे.पीड़िता ने जब इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठायी तो उसे चिलचिलाती धूप में स्कूल के गेट पर ड्यूटी दे दी गयी.

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प्रिंसिपल मनोज सिन्हा झारखंड जोन एफ का सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी है.इस जोन में रांची, जमशेदपुर और खूंटी जिले के 10 महत्वपूर्ण स्कूल आते हैं. प्रिंसिपल बीते 3 दशक से शिक्षण कार्य से जुड़े है. वह मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के रहने वाले है. मनोज सिन्हा ने 1992 में DAV में टीचर के रूप में ज्वाइन किया था. 3 जनवरी 2018 को मनोज सिन्हा DAV कपिल देव कडरु,  रांची के प्रिनचिपल बने। फ़िलहाल कहब लिखे जाने तक उनकी गिरफ़्तारी नहीं हुई है पुलिस जाँच में जुटी है और आरोपों को संगीनता से जांच कर रही है 

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