झारखंड को नशामुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम, मुख्यमंत्री ने जागरूकता रथों को दिखाई हरी झंडी

रांची: झारखंड को नशामुक्त राज्य बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने प्रतिबंधित मादक पदार्थों और अवैध अफीम की खेती के खिलाफ व्यापक अभियान की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री Hemant Soren ने सोमवार को मंत्रालय परिसर से जागरूकता प्रचार-वाहनों को हरी झंडी दिखाकर राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस अभियान के तहत नशे के कारोबार, मादक पदार्थों की तस्करी तथा अवैध अफीम की खेती की सूचना देने वाले मुखबिरों और कार्रवाई में सहयोग करने वाले सरकारी कर्मियों को 3 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार देने की व्यवस्था की गई है। सरकार का उद्देश्य लोगों की भागीदारी बढ़ाकर नशे के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर मंत्रालय परिसर में नशा मुक्ति से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। कलाकारों ने गीत, नाटक और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया और समाज को नशामुक्त बनाने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और जागरूक युवा ही राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। सरकार नशे के खिलाफ जनजागरूकता और कड़ी कार्रवाई दोनों स्तरों पर लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अवैध गतिविधियों की सूचना प्रशासन को देकर राज्य को नशामुक्त बनाने में सहयोग करें।
















