निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, हजारीबाग जमीन घोटाले में बड़ी राहत

नई दिल्ली: झारखंड कैडर के निलंबित IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे को हजारीबाग के सेवायत (खासमहल) जमीन खरीद-बिक्री घोटाले से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रिम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के जनवरी 2026 के आदेश को रद्द करते हुए उन्हें सशर्त जमानत दे दी।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 6 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती देने वाली आपराधिक अपील पर सुनवाई की। यह मामला एसीबी हजारीबाग द्वारा दर्ज FIR संख्या 09/2025 से जुड़ा है, जिसमें आपराधिक न्यासभंग, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप हैं। अदालत ने हिरासत की अवधि और सह-आरोपियों को जमानत मिलने के आधार (पैरिटी) को ध्यान में रखते हुए राहत दी।

विनय चौबे 1999 बैच के IAS अधिकारी हैं। वे मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, उत्पाद सचिव और हजारीबाग के उपायुक्त जैसे पदों पर रह चुके हैं। उन्हें मई 2025 में शराब घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद हजारीबाग जमीन घोटाले, आय से अधिक संपत्ति और अन्य मामलों में भी आरोप लगे। शराब घोटाले और कुछ अन्य मामलों में उन्हें डिफॉल्ट बेल मिल चुकी है, लेकिन अन्य मामलों के कारण जेल से रिहाई में देरी हो सकती है।


















