अप्रत्याशित कोर्ट फी बढ़ोतरी (unexpected court fee hike) के खिलाफ अधिवक्ताओं का पचीस जुलाई के राज्यव्यापी हड़ताल का सीपीआई (एम) का समर्थन
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Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कोडरमा
भारत की कम्युनिष्ट पार्टी (मार्क्सवादी) कल पचीस जुलाई को कोर्ट फी वृद्धि के खिलाफ होने वाले हड़ताल को सक्रिय समर्थन करती हैं। इस आशय में पार्टी की जिला सचिव असीम सरकार ने प्रैस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि एक तरफ केन्द्र सरकार, डीजल पैट्रोल, गैस का लगातार मूल्य वृद्धि करते हुए जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाई हैं, खाद्यान्न सहित आम जरूरतों के सामग्री पर जीएसटी लगाकर और चालू दरों में बढ़ोतरी कर जनता को आर्थिक संकट में डाला हैं उसी समय राज्य सरकार भी बिजली दर, होल्डिंग टैक्स की बढ़ोतरी की और अब कोर्ट फी की अप्रत्याशित बढ़ोतरी कर राज्य की जनता को आर्थिक संकट में डाला हैं। सीपीआई एम इस जनविरोधी फी बढो़तरी को वापस लेने की माँग करती हैं और कोर्ट की बढ़ोतरी के खिलाफ कल पचीस जुलाई के अधिवक्ताओं के हड़ताल का सक्रिय समर्थन करती हैं। सीपीआई एम ने चेतावनी दी हैं कि फल बढ़ोतरी वापस नहीं होने की स्थिति में व्यापक जनान्दोलन छेड़ने का फैसला लेने के लिए पार्टी बाध्य होगी।

















