सुप्रीम कोर्ट में हंगामा: वकील ने CJI बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की, ‘सनातन का अपमान नहीं सहेंगे’ का नारा लगाया

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक अभूतपूर्व घटना घटी, जब एक वकील ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई पर हमला करने की कोशिश की। वकील ने बहस के दौरान मंच के पास पहुंचकर अपना जूता निकालकर फेंकने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते उसे रोक लिया। इस घटना ने कोर्ट में हड़कंप मचा दिया, लेकिन CJI गवई ने पूरे संयम के साथ स्थिति संभाली।

घटना CJI गवई की बेंच के समक्ष केसों की सुनवाई के दौरान हुई, जब वकील राकेश किशोर (जैसा कि प्रारंभिक रिपोर्ट्स में नाम बताया गया है) अचानक मंच की ओर बढ़ा। स्रोतों के अनुसार, वह जूता उतारने और फेंकने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया और कोर्ट कक्ष से बाहर ले गए। बाहर जाते हुए वकील चिल्ला रहा था, “सनातन का अपमान नहीं सहेंगे।”

इस घटना को CJI गवई के हालिया विवादास्पद बयान से जोड़ा जा रहा है। सितंबर 2025 में खजुराहो के जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की 7 फुट ऊंची क्षत-विक्षत मूर्ति को बहाल करने के मामले में CJI ने टिप्पणी की थी, “अब जाकर देवता से ही कहो कि कुछ करे।” इस बयान को सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया गया, जिसके बाद CJI ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी धर्म का अपमान करना नहीं था और वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।

पूरी घटना के दौरान CJI गवई शांत रहे। उन्होंने वकीलों से कहा, “हम इससे विचलित नहीं होते। आप अपनी दलीलें जारी रखें। इससे ध्यान न भटकाएं।”



















