रांची सहित झारखंड में महिलाएं असुरक्षित, हेमंत सरकार पर भाजपा का गंभीर आरोप
रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की ‘नारी रिपोर्ट 2025’ का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट राज्य सरकार की संवेदनहीनता और नाकामी को बेनकाब करती है। शाहदेव ने दावा किया कि रांची सहित पूरे झारखंड में महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं और सरकार इस दिशा में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रांची में महिलाएं सबसे असुरक्षित: सर्वे
प्रतुल शाहदेव ने एनसीडब्ल्यू की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि देश के 31 शहरों में हुए महिला सुरक्षा सर्वे में रांची की महिलाएं सबसे असुरक्षित पाई गई हैं। उन्होंने बताया कि सर्वे के अनुसार, “राजधानी रांची में 27% महिलाएं छेड़खानी की घटनाओं के कारण अपना घर बदलने को मजबूर हो रही हैं।” इसके अलावा, 85% महिलाओं का प्रशासन पर भरोसा नहीं है, जबकि 9% महिलाएं अपने साथ हुए अपराधों को पुलिस से छिपा लेती हैं। यह स्थिति झारखंड में कानून-व्यवस्था की बदहाल स्थिति को दर्शाती है।
6 साल से खाली है राज्य महिला आयोग
भाजपा प्रवक्ता ने हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले छह वर्षों से झारखंड में राज्य महिला आयोग का गठन तक नहीं हुआ है। उन्होंने इसे सरकार की महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता का प्रतीक बताया। शाहदेव ने कहा, “जो सरकार महिला आयोग तक नहीं बना सकती, उससे महिलाओं की सुरक्षा की उम्मीद करना बेमानी है।”
8000 से अधिक बलात्कार के मामले, दोषियों को सजा में नाकामी
प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि “पार्ट 1 और पार्ट 2 के दौरान झारखंड में 8000 से अधिक बलात्कार के मामले दर्ज हो चुके हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि बलात्कारियों को सजा दिलाने में सरकार का रिकॉर्ड बेहद खराब है। इसके साथ ही, आदिवासी बालिकाओं के ट्रैफिकिंग की चपेट में आने की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही।
“हेमंत सरकार की संवेदनहीनता उजागर”
शाहदेव ने कहा कि हेमंत सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह असंवेदनशील है। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल राज्य महिला आयोग का गठन करे और महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस दिशा में जल्द कार्रवाई नहीं की, तो भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।

















