रांची निकाय चुनाव में मतदान केंद्रों पर विवाद: भाजपा ने लगाया हेरफेर का आरोप, 2 किमी नियम का उल्लंघन
रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रांची नगर निगम चुनाव में मतदान केंद्रों की व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा का दावा है कि वार्ड संख्या 43 के भाग 43/4 में रहने वाले मतदाताओं को अपने घर से दूर अशोक नगर के सामुदायिक भवन में वोट डालने के लिए जाना पड़ रहा है, जो केंद्रीय चुनाव आयोग के 2 किलोमीटर दूरी के नियम का स्पष्ट उल्लंघन है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भाजपा नेता सुधीर श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयोग पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। श्रीवास्तव ने बताया कि सेक्टर 2, जगरनाथपुर और धुर्वा इलाकों के निवासियों को अशोक नगर सामुदायिक केंद्र जाना होगा, जबकि इन इलाकों से केंद्र की दूरी 2 किलोमीटर से अधिक है। उन्होंने कहा, “केंद्रीय चुनाव आयोग का निर्देश है कि किसी भी हालत में मतदाता के घर और मतदान केंद्र के बीच की दूरी 2 किलोमीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन ने इस नियम की अनदेखी की है।”
इस भाग में कुल 1205 मतदाता रहते हैं, और अधिकांश को यह पता ही नहीं है कि उन्हें किस बूथ पर मतदान करना है। भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य निर्वाचन आयोग या जिला स्तर पर कोई वेबसाइट या लिंक जारी नहीं किया गया है, जहां मतदाता अपना मतदान केंद्र खोज सकें। श्रीवास्तव ने तुलना करते हुए कहा, “विधानसभा या लोकसभा चुनाव में मतदाता अपना एपिक नंबर वोटर हेल्पलाइन ऐप में डालकर तुरंत पता लगा सकते हैं कि उन्हें कहां वोट डालना है। लेकिन निकाय चुनाव में ऐसी कोई सुविधा नहीं है।”
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव में दो साल की देरी का फायदा उठाकर सरकार, जिला प्रशासन और उनके समर्थित उम्मीदवारों ने सभी वार्डों के मतदान केंद्रों में हेरफेर किया है, ताकि उनके उम्मीदवार आसानी से जीत सकें। प्रतिनिधिमंडल ने वार्ड 43 की मतदाता सूची की एक प्रति भी आयोग को सौंपी। इसके बाद, टीम जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त के पास जाकर ज्ञापन और मतदाता सूची उपलब्ध कराई।
प्रतिनिधिमंडल में सुधीर श्रीवास्तव के अलावा तारिक इमरान और प्रिंस कुमार शामिल थे। भाजपा ने मांग की है कि मतदान केंद्रों की व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए और मतदाताओं को सुविधा प्रदान की जाए, ताकि चुनाव निष्पक्ष और सुगम हो सके।

















