हेमंत सरकार में एक और टेंडर घोटाले की तैयारी : प्रतुल शाह देव का आरोप
रांची : झारखंड में भवन निर्माण विभाग को लेकर एक बार फिर टेंडर घोटाले के आरोप लगे हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने गुरुवार को बयान जारी करते हुए कहा कि हेमंत सरकार में “एक और टेंडर घोटाले की पृष्ठभूमि” तैयार की जा रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण विभाग के प्रमंडल संख्या-1 में जो भी टेंडर अखबारों में प्रकाशित या वेबसाइट पर जारी किए जा रहे हैं, उनमें अनुमानित राशि (Estimated Cost) का उल्लेख नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “इच्छुक ठेकेदारों को यह तक पता नहीं होता कि टेंडर कितनी राशि का है। जब कोई पैसा देकर टेंडर पेपर और बीओक्यू खरीदता है, तब जाकर उसे इसका अंदाजा होता है।”
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सामान्य नियमों के तहत हर टेंडर में कार्य का नाम और अनुमानित राशि का उल्लेख होना चाहिए, लेकिन प्रमंडल-1 में ऐसा नहीं किया जा रहा है। इससे पारदर्शिता खत्म हो गई है और टेंडर प्रक्रिया संदिग्ध हो गई है।
उन्होंने दावा किया कि “यह पूरा खेल एक बड़े घोटाले की तैयारी है। विभाग चुनिंदा ठेकेदारों को ही अनौपचारिक रूप से राशि की जानकारी दे रहा है। कुछ मामलों में ठेकेदारों को अधूरी बीओक्यू दी जा रही है, जिससे प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो रही है।”
प्रतुल ने कहा कि पहले ऑफलाइन टेंडर में गड़बड़ियां होती थीं, इसलिए प्रणाली को ऑनलाइन किया गया था। लेकिन हेमंत सरकार में अब ऑनलाइन टेंडर में भी सेटिंग का नया तरीका खोज लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में यह मामला एक बड़े घोटाले के रूप में सामने आएगा।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि “देश के किसी अन्य राज्य में ऐसी व्यवस्था नहीं है कि टेंडर के नोटिस या वेबसाइट पर खर्च की राशि का उल्लेख न हो। यह सिर्फ झारखंड में, हेमंत सरकार के कार्यकाल में ही संभव है।”

















