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किश्तवाड़ में बादल फटने से 17 की मौत, राहत-बचाव कार्य तेज, अमित शाह ने लिया जायजा

जम्मू-कश्मीर : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार को मचैल माता मंदिर के पास बादल फटने से भारी तबाही मची। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। यह हादसा हिमालय में स्थित माता चंडी मंदिर की यात्रा के दौरान चिशोती गांव में हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल से बात कर स्थिति का जायजा लिया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

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किश्तवाड़ में भारी बारिश, अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), और भूस्खलन के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। चिशोती गांव में बादल फटने से आए सैलाब ने कई घरों और ढांचों को नुकसान पहुंचाया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि यह घटना बड़े पैमाने पर जनहानि का कारण बन सकती है। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है और राहत व बचाव टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं।

किश्तवाड़ पुलिस और जिला प्रशासन ने पूरे जिले में कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क सक्रिय कर दिए हैं। सभी सब-डिविजन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष पुलिस टीमें तैनात की गई हैं, जो तुरंत कार्रवाई कर रही हैं। पड्डर में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो चिशोती गांव से लगभग 15 किलोमीटर दूर है।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने प्रभावित लोगों और तीर्थयात्रियों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। आपात सहायता के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है: हेल्पलाइन नंबर : 9858223125, 6006701934, 9797504078, 8492886895, 8493801381, 7006463710, जिला कंट्रोल रूम : 01995-259555, 9484217492, किश्तवाड़ पुलिस कंट्रोल रूम : 9906154100

प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग अभी भी लापता हैं।

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