new fob at tatanagar

अगले साल खुल जाएगा टाटानगर स्टेशन का सेकेंड इंट्री गेट, तीसरा एफओबी भी हो जाएगा चालू

टाटानगर रेलवे स्टेशन आने जाने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. यात्री सुविधाओं के लिए वर्तमान में रेलवे आठ करोड़ खर्च कर रही है. इससे स्टेशन के अंदर और बाहर जाने के दौरान रेल यात्री अब एयरपोर्ट जैसा फील करेंगे. लंबे इंतजार से लंबित बर्मामाइंस सेकेंड इंट्री गेट छह माह में तैयार करने का लक्ष्य रेलवे ने रखा है. वहीं, दूसरी और तीसरा एफओबी (फूटओवर ब्रिज) तैयार किया जा रहा है. इसका फाउंडेशन रख दिया गया है. अगले 10 महीने में इसे पूरा करने का टारगेट है.

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जानिए क्या है योजना, कहां होंगे आठ करोड़ खर्च
पहली योजना : बर्मामाइंस छोर से सेकेंड इंट्री गेट चालू होने का शहरवासियों को लंबे समय से इंतजार है. लाखों का भवन बनने के बाद उसमें दरारें पड़ रही थीं, तब उसे चालू किया गया, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण उस भवन को सीधे स्टेशन से नहीं जोड़ा जा सका. फिर पुराने रोड ओवरब्रिज (आरओबी) को सेकेंड इंट्री से जोड़ने की योजना बनी. वह भी अधूरी रह गई. फिलवक्त, पांचांे प्लेटफार्म से उक्त आरओबी को दो साल से जोड़ दिया गया है. अब रैंप के साथ बर्मामाइंस की बिल्डिंग को जोड़ने पर रेलवे का जोर है. काम प्रगति पर है. पीलर खड़े हो चुके हैं. इस कार्य में दो करोड़ की लागत आनी है. चक्रधरपुर के मेसर्स माखनलाल अग्रवाल इसे तैयार कर रहे हैं. छह माह में इसे पूरा करने का टारगेट रेलवे ने दे रखा है.

दूसरी योजना : टाटानगर में तीसरा एफओबी बनाने के लिए नींव रख दी गई है. यह लोको छोर की ओर वर्तमान एफओबी से 25 मीटर दूर बनाया जा रहा है. इसकी लंबाई 95 मीटर और चौड़ाई छह मीटर होगी. इसमें छह करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं. चक्रधरपुर की लक्ष्मी इंटरप्राइजेज कम्पनी इसे तैयार कर रही है. आगामी 10 माह में इसे तैयार करने का लक्ष्य है. अगर यह एफओबी बनता है तो टाटानगर का सबसे बड़ा एफओबी होगा. सुविधा के अनुरूप इसमें एस्केलेटर व लिफ्ट लगाए जाने पर भी रेलवे सोच रही है.

दोनों योजनाओं का क्या होगा फायदा

सेकेंड इंट्री गेट फिर से शुरू हो जाने से यात्री सीधे टिकट लेकर प्लेटफॉर्म में उतरकर अपने गंतव्य जाने के लिए ट्रेन पकड़ सकेंगे. उन्हें रेलवे ब्रिज के जाम से मुक्ति मिलेगी. वहीं, तीसरा एफओबी भी लोको छोर में लगने वाली लंबी दूरी की रेक के यात्रियों के लिए सुखद होगा. वे सीधे स्टेशन के बाहर पीआरएस में उतर सकेंगे. पुराने एफओबी पर कम लोड होगा. आपको बता दें कि फिलहाल, स्टेशन के एफओबी पुराना तीन मीटर चौड़ा तो आरओबी से एफओबी बने ब्रिज की चार मीटर चौड़ाई है.

कोरोनाकाल में तेजी से हुआ काम

रेलवे के अधिकारियों की मानें तो कोरोनाकाल में जब सबकुछ बंद था, तो उस वक्त यात्री सुविधा में विस्तार के लिए होने वाले काम में तेजी रही. क्योंकि उस वक्त ट्रेनें बंद थीं. ब्लॉक लेने की कोई समस्या नहीं थी. उसका परिणाम जल्द देखने को मिलेगा.

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